नई दिल्ली | भारत सरकार की तीन महत्वाकांक्षी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं—प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY) ने सफलता के 11 साल पूरे कर लिए हैं। 9 मई 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इन “जन सुरक्षा” योजनाओं का मुख्य उद्देश्य समाज के पिछड़े और कमजोर वर्गों को किफायती वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से अब तक 9 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं, जो देश में वित्तीय समावेशन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हुआ है।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) मात्र 2 रुपये प्रतिदिन से भी कम खर्च पर 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर प्रदान करती है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि अकेले PMJJBY ने 10.7 लाख से अधिक परिवारों को उनके सबसे कठिन समय में वित्तीय सहायता प्रदान की है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की परिकल्पना लोगों को जीवन की अनिश्चितताओं से बचाने के लिए की गई थी, और बैंक व बीमा क्षेत्र के अधिकारियों के सहयोग से आज यह देश के कोने-कोने तक पहुंच चुकी हैं।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इस सफलता में तकनीक और ‘जन सुरक्षा पोर्टल’ की भूमिका पर जोर दिया है। उन्होंने बताया कि नामांकन प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बनाने से अब लोग बिना बैंक जाए भी इन योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। विशेष रूप से अटल पेंशन योजना (APY) के तहत निवेश करने वालों को 5000 रुपये तक की मासिक पेंशन की गारंटी मिलती है, जो वृद्धावस्था में आर्थिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करती है। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में क्लेम सेटलमेंट को और अधिक तेज और पारदर्शी बनाना है ताकि जरूरतमंदों को समय पर मदद मिल सके।

