जबलपुर: आंधी-तूफान, तेज हवाओं के साथ फटकर सड़कों पर गिरने वाले और चालू बिजली लाइन की तारों पर लिपटे हुए फ्लैक्स इन दिनों शहर में जानलेवा साबित होते नजर आ रहे हैं। ये यूनिपोल के फ्लैक्स सड़क पर चलने वालों के लिए बड़ा खतरा उभरकर दिख रहे हैं जो कभी भी बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकते हैं। ज्योति टॉकीज चौराहा, शास्त्री ब्रिज सहित अन्य शहर के इलाकों में जानलेवा फ्लैक्स हवा में उड़ रहे हैं।
नागरिकों द्वारा नगर निगम को कई बार फ्लैक्स उतारने कहा जा चुका है लेकिन अभी फिलहाल इस ओर जिम्मेदारों द्वारा ध्यान नहीं दिया गया है। ऐसे में राहगीरों को ढर सता रहा है कि कहीं चलते वाहन में ये फ्लैक्स न गिर जाएं जिससे सड़क दुर्घटना घटित हो जाए। वहीं विज्ञापनों के होर्डिंग्स में स्टील के पाइप भी कई जगह पर गिरने की कगार पर आ चुके हैं जो कभी भी गिर सकते हैं।आलम ये है कि फटे हुए फ्लैक्स की समस्या सिर्फ शास्त्रीब्रिज व ज्योति टॉकीज चौराहे तक ही सीमित नहीं रह गई है बल्कि गौरीघाट रोड, मदन महल स्टेशन, रद्दी चौकी रोड, आईएसबीटी, रांझी, गोरखपुर व सदर जैसी जगहों पर लगे यूनिपोल के फ्लैक्स फटकर कहीं किसी बिजली की तार में झूलते नजर आ रहे हैं।
इन विभागों की होती है जिम्मेदारी
यूनिपोल, जेंट्रीगेट के यह फ्लैक्स ही किसी बड़े हादसे का कारण बनते हैं। आंधी से फट चुके फ्लैक्स को उतारने में कोताही बरतने वाले जिम्मेदार विभागों में शामिल रेलवे, नगर निगम व कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारी हैं। इन विभागीय अधिकारियों द्वारा इस पूरे मामले में अपनी तरफ से प्राथमिकताएं तय नहीं की गई है। ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो जिम्मेदार विभाग के अधिकारी किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हों।
इन जगहों पर देखी जा सकती है लापरवाही
जानकारी के अनुसार दीनदयाल चौक पर लगा यूनिपोल का फ्लैक्स पिछले कई दिनों से फटा हुआ है जिसे अभी तक जिम्मेदारों द्वारा उतारा नहीं गया है। इसी तरह से शास्त्रीब्रिज के ठीक बगल से पश्चिम मध्य रेल के डबल डेकर यूनिपोल स्ट्रेक्कर का आधा फ्लैक्स फटकर नीचे लटक रहा है। इसी तरह से गौरीघाट रोड, मॉडल रोड, रद्दी चौकी रोड एवं मदन महल स्टेशन रोड के पास दिशा सूचक गेट का फ्लेक्स फटकर सड़क पर लहरा रहा है, जिसे अभी तक नहीं निकाला गया है।
