
जबलपुर। सोमवार को पारा 40 डिग्री पार हो गया। दिनभर मार्तण्ड के तेवर उग्र रहे। दिन में ऐसा लग रहा था कि मानो जैसे आसमान से आग बरस रही हो। लू के थपेड़े लोगों को झुलसाते रहे। तपिश और लू के चलते लोग बेहाल रहे। गर्मी और सूर्यदेव से बचने लोग सिर और चेहरे को कपड़े से ढके नजर आए।
मौसम विभाग की माने तो वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ, मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ पवनों में एक ट्रफ के रूप में माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई 67 डिग्री पूर्वी देशांतर व 32 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में अवस्थित पश्चिम राजस्थान एवं आसपास के क्षेत्र पर माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊँचाई पर एक ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण है। पश्चिम मध्य प्रदेश पर स्थित ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण अब दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश एवं आसपास के क्षेत्र पर माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी ऊँचाई तक विस्तृत है। एक ट्रफ, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश पर स्थित ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण से लेकर पूर्व मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं झारखंड होते हुए उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तक विस्तृत व माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी ऊँचाई तक फैला हुआ है।
ऐसा रहा पारा
सोमवार को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री पर पहुंच गया जो सामान्य से 4 डिग्री कम रहा। सुबह के वक्त आद्रता 41 और शाम को 21 प्रतिशत दर्ज की गई। उत्तर-पश्चिम हवाएं 5 से 6 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली।
