इंदौर: सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है. मंगलवार को आरटीओ और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने तीन इमली बस स्टैंड पर विशेष फिटनेस जांच अभियान चलाया था. इस दौरान प्रदेशभर में संचालित होने वाली यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई, जिसमें कई गंभीर खामियां उजागर हुईं.
जांच के दौरान अधिकांश बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं मिले, जबकि कई बसों में फायर एक्सटिंग्विशर या तो मौजूद नहीं थे या पूरी तरह खराब हालत में पाए गए. महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगाए गए पैनिक बटन भी निष्कि्रय मिले. सबसे गंभीर लापरवाही इमरजेंसी गेट को लेकर सामने आई. कई बसों के इमरजेंसी गेट बंद थे, वहीं कुछ बस संचालकों ने गेट के सामने अतिरिक्त सीटें तक लगा दी थीं. निरीक्षण के दौरान एसडीएम घनश्याम धनगर ने एक बस का इमरजेंसी गेट खुद खोलने की कोशिश की. उन्होंने गेट को लात मारकर खोलना चाहा, लेकिन गेट नहीं खुल सका. अधिकारियों ने इसे यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक स्थिति बताया. दुर्घटना की स्थिति में ऐसे बंद इमरजेंसी गेट यात्रियों की जान पर भारी पड़ सकते हैं.
सात बसों को किया जब्त
फिटनेस जांच में 15 से अधिक बसें मानकों पर फेल पाई गईं। सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन ने सात बसों को जब्त किया, जबकि पांच बसों पर फिटनेस संबंधी कार्रवाई की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्री सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
