
उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संकल्पना के अनुरूप सिंहस्थ 2028 को विश्व स्तरीय और अलौकिक स्वरूप देने के लिए विकास कार्यों में तेजी लाई गई है। इसी क्रम में शुक्रवार को संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना तथा जीवनखेड़ी से सिकंदरी तक निर्माणाधीन सीमेंट कांक्रीट मार्ग का नियमित निरीक्षण किया। अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए समय सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त आशीष सिंह ने निर्देश दिए कि सडक़ निर्माण के साथ-साथ दोनों ओर बड़े आकार के पौधे लगाए जाएं, ताकि मार्ग पूरी तरह ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात सुविधा देने के साथ-साथ सुंदर और हरियालीयुक्त सडक़ें उपलब्ध कराना भी प्रशासन की प्राथमिकता है। संभागायुक्त ने निर्माण एजेंसियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब कार्य में देरी का कोई कारण नहीं बचा है। सभी विभाग समन्वय के साथ तेजी से काम करें और तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ परियोजनाओं को पूर्ण करें।
आशीष सिंह ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालु और साधु-संत मोक्षदायिनी शिप्रा में स्वच्छ एवं निर्मल जल से स्नान कर सकें, इसके लिए कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री का संकल्प है कि सिंहस्थ 2028 में शिप्रा नदी का जल पूरी तरह स्वच्छ और पवित्र रहे। इसी उद्देश्य से कान्ह नदी के दूषित जल को शिप्रा में मिलने से रोकने के लिए यह महत्वाकांक्षी परियोजना तैयार की जा रही है। परियोजना पूरी होने के बाद शिप्रा नदी की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने में बड़ी सफलता मिलेगी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने क्रेन की सहायता से टनल में प्री-कास्ट सेगमेंट उतारने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। अधिकारियों को बताया गया कि कट एंड कवर भाग में कुल 18.15 किलोमीटर लंबाई में से 4.50 किलोमीटर क्षेत्र में प्री-कास्ट सेगमेंट की लेईंग का कार्य पूर्ण हो चुका है।
