कोटा में प्रसूताओं की मौत की त्रासदी राजस्थान के ध्वस्त होते हेल्थ सिस्टम की परिणति: गहलोत

जयपुर 08 मई (वार्ता) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कोटा की दो प्रसूताओं की मौत एवं कई के बीमार होने की त्रासदी को प्रदेश के ध्वस्त होते स्वास्थ्य तंत्र की परिणति बताया है और कहा है कि ऐसा लगता है कि राजस्थान का कोई धनी-धोरी ही नहीं है।

श्री गहलोत ने शुक्रवार को अपने बयान में आरोप लगाते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि कोटा की यह त्रासदी अचानक नहीं हुई है, बल्कि यह राजस्थान के ध्वस्त होते स्वास्थ्य तंत्र की परिणति है। उन्होंने कहा कि सवाई मान सिंह अस्पताल के आईसीयू अग्निकांड और खांसी की दवा से हुई मौतों जैसे गंभीर मामलों को ठंडे बस्ते में डालने का ही नतीजा है कि आज सिस्टम में डर और संवेदनशीलता पूरी तरह खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि चिरंजीवी, आरजीएचएस जैसी योजनाओं पर ब्रेक लगा दिया गया है। निजी अस्पतालों में बार-बार हड़ताल हो रही है। पूरा हेल्थकेयर सिस्टम चरमरा गया है। जब पूर्व की घटनाओं में किसी की जवाबदेही तय नहीं हुई, तो अस्पताल प्रबंधन को खुली छूट मिल गयी।

उन्होंने कहा कि कोटा में ‘लोकल परचेज’ के नाम पर घटिया दवाओं का खेल और मासूमों की माताओं की मौत इसी प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है। हमारी ‘निशुल्क दवा योजना’ का उद्देश्य जीवन बचाना था लेकिन वर्तमान सरकार की अनदेखी जीवन छीन रही है।

श्री गहलोत ने कहा, “ मुख्यमंत्री, कागजी जांच का नाटक बंद कर कुछ एक्शन लीजिए। अगर अब भी गुनहगारों को बचाया गया, तो राजस्थान की जनता इस ‘सिस्टम की हत्या’ को कभी माफ नहीं करेगी।”

 

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