सतना :कभी देश की तीसरी ट्रांसपोर्ट की मंडी रहे शहर में इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को बड़े अरमानों के साथ ट्रांसपोर्ट नगर की सौगात वर्षो पहले नगर निगम ने दी थी.बदले परिदृश्य में इन दिनों अपने मूल उद्देश्य से भटककर एक बड़े गैरेज हब में तब्दील हो गया है।पूरे ट्रांसपोर्ट नगर की सभी सड़कें इस कदर दिन के चौबिसों घण्टे अतिक्रमण की चपेट रहती हैं कि उनसे दोपहिया वाहन भी निकाल पाना मुश्किल होता है. हर तरफ ट्रकों, बसों और अन्य भारी वाहनों की मरम्मत का काम खुलेआम सड़कों पर किया जा रहा है, जिससे पूरे इलाके में गंदगी और अव्यवस्था फैल गई है।
हालात यह हैं कि सड़कों पर जगह -जगह ग्रीस, तेल और कचरा फैला हुआ है। वाहन मरम्मत के दौरान निकलने वाला कबाड़ और कचरे को खुले में बेहिचक फेंक दिया जाता है, जो नगर निगम के स्वच्छता अभियान को मुंह चिढ़ता नजर आता है. पूरी तरह कबाड़खाने में बदल चुके ट्रांसपोर्ट नगर के केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि आसपास के लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले यह क्षेत्र व्यवस्थित था, लेकिन धीरे-धीरे यहां अवैध गैरेज संचालित होने लगे। अब स्थिति यह हो गई है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। हर समय भारी वाहन आते- जाते और मरम्मत कार्य के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि हम रोज यहां से गुजरते हैं, लेकिन गंदगी और जाम की वजह से काफी परेशानी होती है। कई बार शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।सुभाषु सिंह ने बताया कि गैरेज संचालक खुले में ट्यूब और अन्य कचरा जलाते हैं, जिससे प्रदूषण फैलता है और लोगों में कई प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।लोगों का आरोप है कि प्रशासन इस समस्या को नजरअंदाज कर रहा है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध गैरेजों पर कार्रवाई की जाए और ट्रांसपोर्ट नगर को फिर से व्यवस्थित किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
