रूस ने 8 से 10 मई तक युद्धविराम घोषित किया है। ड्रोन धमकियों के बीच मास्को ने कीव को कड़ी सैन्य चेतावनी दी है। रूसी संघ के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सख्त निर्देश दिए हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे इस बेहद विनाशकारी और लंबे युद्ध में अचानक एक बहुत ही महत्वपूर्ण और शांतिपूर्ण मोड़ आ गया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को एक बेहद अहम घोषणा करते हुए युद्ध क्षेत्र में कुछ दिनों के लिए पूरी तरह से युद्धविराम लागू करने का बड़ा फैसला लिया है। यह खास और ऐतिहासिक फैसला द्वितीय विश्व युद्ध में सोवियत लोगों की शानदार जीत की याद में लिया गया है। इस नई घोषणा से दुनिया भर में शांति और समझौते की एक बहुत ही नई और सकारात्मक उम्मीद जगी है।
रूसी संघ के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सीधे निर्देश और फैसले के अनुसार यह विशेष कदम उठाया गया है। महान देशभक्ति युद्ध में सोवियत लोगों की शानदार जीत की 81वीं वर्षगांठ के खास समारोह के दौरान यह शांति बनाए रखने का बड़ा प्रयास किया जा रहा है। इसी खास मौके पर 8 मई की आधी रात से लेकर 10 मई तक दोनों देशों के बीच सभी बड़े हमले पूरी तरह से रुके रहेंगे। रूस की ओर से इस दौरान पूरी तरह से शांति बनाए रखने का स्पष्ट वादा किया गया है ताकि समारोह बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
जेलेंस्की का तीखा और आक्रामक बयान
चार मई को येवरेन में आयोजित हुए 8वें यूरोपीय पॉलिटिकल कम्युनिटी समिट में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक बहुत ही भड़काऊ दावा किया था। उन्होंने 9 मई को होने वाली रूस की ऐतिहासिक विक्ट्री परेड का सीधा जिक्र करते हुए तंज कसा था कि इस बार वहां कोई भी सैन्य उपकरण नजर नहीं आएंगे। जेलेंस्की ने साफ तौर पर कहा कि रूस को अंदरूनी डर है कि उनके खास रेड स्क्वायर के ऊपर यूक्रेनी ड्रोन कभी भी मंडरा सकते हैं।
रूस के विदेश मंत्रालय की तेजतर्रार प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने जेलेंस्की के इस तीखे बयान पर बहुत ही सख्त कूटनीतिक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने यूरोपीय संघ के देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उन्हें लगता है कि वे जेलेंस्की के इन आक्रामक बयानों को नजरअंदाज कर सकते हैं, तो वे पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने पश्चिमी देशों पर प्रहार करते हुए यह भी कहा कि वे लगातार सोवियत स्मारकों को नष्ट कर रहे हैं और पुराने इतिहास को जबरन बदलने की कोशिश कर रहे हैं।
कीव पर बड़े मिसाइल हमले की खुली धमकी
रूस के वरिष्ठ राजनयिकों और सैन्य अधिकारियों ने मॉस्को में होने वाली अहम विक्ट्री परेड पर संभावित यूक्रेनी ड्रोन हमले की खुली चेतावनी को लेकर अपना रुख बेहद कड़ा कर लिया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर ऐसा कोई ड्रोन हमला हुआ तो रूसी सेना बिना देर किए कीव के केंद्र पर बड़े पैमाने पर विनाशकारी मिसाइल हमला कर सकती है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना था कि अब तक रूस ने संयम बरतते हुए ऐसा करने से पूरी तरह परहेज किया है, जबकि उसके पास इस भयानक हमले की पूरी क्षमता मौजूद है।
जेलेंस्की के येवरेन में दिए गए इन बयानों के तुरंत बाद कूटनीतिक स्तर पर भी दोनों पक्षों के बीच तनाव अचानक काफी अधिक बढ़ गया है। इसी कड़ी में रूस के उप विदेश मंत्री मिखाइल गालुजिन ने मॉस्को में आर्मेनिया के राजदूत गुरगेन आर्सेन्यान से विशेष रूप से मुलाकात की और कड़ा रुख दिखाया। रूस ने आर्मेनिया द्वारा जेलेंस्की को रूस के खिलाफ ऐसी ‘आतंकी धमकियां‘ देने के लिए मंच प्रदान करने को पूरी तरह से अस्वीकार्य और गलत बताया है।
