जबलपुर: मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्र एक और छह के बाहर दिनभर शराबखोरी होना अब आम बात बन चुकी है। आरपीएफ और जीआरपी की सही तरीके से परिसर में मॉनिटरिंग नही होने के कारण स्टेशन परिसर में बाहर से आकर असामाजिक तत्वों द्वारा जमकर शराबखोरी की जा रही है। इस की बानगी बुधवार दोपहर को प्लेटफार्म क्रमांक 6 के बाहर देखी गई जहां काली एसयूवी कार में सवार 3 युवा तकरीबन 1 घंटे तक परिसर में शराबखोरी करते रहे। हद तो तब हो गई जब वे खुलेआम परिसर में ही शराब की बोतले फेक कर चलते बने।
सिर्फ दिन के समय ही नहीं शाम होते ही रेलवे स्टेशन के आसपास कॉलोनी परिसर में भी शराबियों और नशेड़ियों का जमावड़ा होता है। नशे में वे वहां हल्ला गुल्ला और हुड़दंग करते हैं। स्टेशन परिसर के आसपास रहने वाले लोग इन नशेड़ियों के कारण बाहर नहीं निकल पाते। ऐसा रोज होने से वे परेशान हो चुके हैं। वही जिम्मेदारों ने बताया कि उन्होंने रेलवे स्टेशन के पास नशेड़ियों को इकट्ठा होने से कई बार मना किया लेकिन इसका उनपर कोई असर नहीं हुआ। बता दे कि रेलवे स्टेशन परिसर में सुरक्षाकर्मी प्रर्याप्त नहीं है जिसके कारण शराबियों के हौसले बुलंद हो चुके है। कई बार की पुलिस गाड़ी के आने के बाद वे भाग जाते हैं और दूसरे दिन फिर आ जाते हैं।
सड़को को घेर कर खड़ी बसें
मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्र 6 से संचालित की जा रही मेट्रो बसें भी आटो की तर्ज पर बीच पर दिनभर जमी रहती है और तो और यह बसें स्टेशन परिसर की सड़को पर कहीं भी खड़ी होकर सवारी बैठाने लगी है। जिससे यातायात व्यवस्था तो बिगड़ ही रही है वही हादसे का अंदेशा भी हो रहा है। रेलवे स्टेशन में मेट्रो बसों के लिए कोई फिक्स स्टाप नहीं बनाए गए हैं। जिसके चलते मेट्रो बस चालक आटो चालकों की तर्ज पर बीच सड़क पर अचानक बस को रोककर सवारी बैठा और उतार रहे हैं। बता दे कि बीच सड़क, चौराहों पर अचानक बसें खड़ी कर दिए जाने से कई बार दो पहिया, चार पहिया वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ जाता है। जिससे किसी दिन हादसा होने की संभावना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता।
