बीजिंग | ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बीजिंग में अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ उच्चस्तरीय वार्ता की। इस बैठक के दौरान दोनों देशों ने ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के अधिकार की पुष्टि की। अराघची ने सोशल मीडिया पर साझा किया कि ईरान को चीन के चार-सूत्री शांति प्रस्ताव पर पूरा भरोसा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि चीन क्षेत्र में युद्ध रोकने और शांति को बढ़ावा देने में सकारात्मक भूमिका निभाएगा। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व के हालात बेहद नाजुक मोड़ पर हैं और संघर्ष विराम की वैश्विक मांग तेज हो रही है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने स्पष्ट किया कि चीन ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने में उसके साथ खड़ा है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने शत्रुता को पूरी तरह समाप्त करने पर जोर देते हुए कहा कि बातचीत के वादे को बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है। चीन ने राजनीतिक समाधान खोजने की ईरान की तैयारियों की सराहना की है। यह दौरा कूटनीतिक रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसके ठीक एक हफ्ते बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चीन दौरा प्रस्तावित है, जिससे वैश्विक समीकरणों के बदलने की संभावना है।
इस बैठक के पीछे ईरान का मुख्य उद्देश्य आर्थिक और राजनयिक समर्थन हासिल करना है। अल जजीरा के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य की घेराबंदी और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के कारण उपजे तनाव के बीच ईरान ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। दूसरी ओर, अमेरिका ने चीन से आग्रह किया है कि वह ईरान पर दबाव डाले ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को रोका जा सके। चूंकि चीन की अर्थव्यवस्था निर्यात पर टिकी है, इसलिए व्यापार मार्गों की सुरक्षा उसके अपने हित में है। अब वैश्विक निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चीन इस जटिल स्थिति में क्या मध्यस्थता करता है।

