नयी दिल्ली, 06 मई (वार्ता) आम आदमी पार्टी(आप) के वरिष्ठ नेता एवं विधायक संजीव झा ने विवेक विहार स्थित एक पॉश कॉलोनी में लगी भीषण आग में जलकर नौ लोगों की मौत के लिए सिस्टम की नाकामी को जिम्मेदार बताया है। श्री झा ने बुधवार को कहा कि चंद दिन पहले पूर्वी दिल्ली के सबसे पॉश इलाके विवेक विहार में आग लगने से नौ लोगों की मृत्यु हुई। दिल्ली देश की राजधानी है और देश की राजधानी के पॉश इलाके में दमकल विभाग को सूचना देने के बावजूद अगर नौ लोगों की मौत हो जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसी की तो बनती ही है। यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी पालम में एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई थी। वहां मौत इसलिए हुई थी क्योंकि दमकल विभाग के पास सुरक्षा जाल नहीं था जिस पर कूदकर लोग अपनी जान बचा पाते। बिना सुरक्षा जाल के कूदने के कारण कई लोगों की मौत हो गई। दमकल विभाग के पास हाइड्रोलिक सीढ़ियां भी नहीं थीं कि वे वहां तक पहुंच पाते।
उन्होंने कहा कि विवेक विहार में भी कुछ ऐसी ही घटना हुई है। दमकल विभाग की गाड़ियां आधे घंटे बाद वहां पहुंचीं, जबकि सूचना मिलने के 10 से 15 मिनट के भीतर दमकल विभाग को सभी उपकरणों के साथ पहुंच जाना चाहिए था। उसके बाद उन्हें पूरी व्यवस्था तैयार करने में आधा घंटा लग गया। गाड़ी में आधा ही पानी था और पानी पूरा न होने के कारण दबाव नहीं बन पाया। ऐसे में यह सवाल उठता है कि इसकी जिम्मेदारी किसकी है? श्री झा ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कहती हैं कि उन्होंने सभी आधुनिक सुविधाओं के लिए पैसे दिए हैं और दमकल विभाग को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है। अगर सारे आधुनिक उपकरणों पर खर्चा हुआ है तो वह पैसा कहां गया? दमकल विभाग और उनकी टीम के पास तो यह नहीं दिखता है। आज देश की राजधानी दिल्ली में नौ लोगों की मौत केवल इसलिए हो गई क्योंकि दमकल विभाग समय पर काम नहीं कर पाया, तो इसे सरकार द्वारा की गई साजिशन हत्या समझना चाहिए, यह कोई सामान्य मौत नहीं है। शर्मनाक बात यह है कि सरकार इसके लिए खुद को जिम्मेदार नहीं मान रही है और विभाग की तरफ से ऊलजलूल बयान दिए जा रहे हैं कि वहां एक ही सीढ़ी थी और ताला लगा हुआ था। ये सब अनाप-शनाप बातें हैं। उल्लेखनीय है कि दिल्ली के विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के एक रिहायशी इमारत में भीषण आग लग गई. जिसमे 9 लोगों की मौत हो गई।

