जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने जेल प्रहरी को प्रथम नियुक्ति 1997 में प्रचलित सेवा नियमानुसार सेवा लाभ एवं ओल्ड पेंशन योजना का लाभ देने के निर्देश दिये है। जस्टिस जेके पिल्लई की एकलपीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ओल्ड पेंशन का पात्र है।यह मामला याचिकाकर्ता नरेश कुमार पाण्डे की ओर से दायर किया गया थ। जिनकी ओर से अधिवक्ता रमाशंकर यादव ने पक्ष रखा।
जिन्होंने न्यायालय को बताया कि आवेदक को नरसिंहपुर जेल में जेल प्रहरी के पद में 7 अक्टूबर 1997 को फिक्स कलेक्टरेट रेट पर नियुक्त किया गया था। 16 दिसंबर 2008 को याचिकाकर्ता को नियमित किया गया। तर्क दिया गया कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 1 जनवरी 2005 से न्यू पेंशन योजना लागू की गई है। इसमें याचिकाकर्ता को शामिल कर लिया गया।
जब याचिकाकर्ता ने नियुक्ति वर्ष 1997 में प्रचलित सेवा नियमानुसार सेवा लाभ एवं ओल्ड पेंशन प्रदान करने का अभ्यावेदन जेल विभाग को दिया तो विभाग ने अस्वीकार कर दिया। इससे पीडि़त होकर हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर की गई। अधिवक्ता यादव ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित न्याय दृष्टांत हाईकोर्ट के समक्ष पेश किये, जिसके बाद न्यायालय ने उक्त राहतकारी आदेश दिये।
