जबलपुर: गोहलपुर थाने के बाहर रविवार दोपहर वाहन चेकिंग के दौरान एक भाजपा पार्षद और पुलिस अधिकारी आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ा कि पार्षद अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ थाने के सामने धरने पर बैठ गए। एएसआई पर धमकाने, अपशब्द कहने का आरोप लगाया साथ ही पुलिस कर्मी को निलंबित कर उसके खिलाफ एफआईआर की मांग की और ऐसा न होने पर सात दिन बाद आत्महत्या करने की चेतावनी दी।जानकारी के अनुसार दीवान आधार सिंह वार्ड के पार्षद शरद श्रीवास्तव का भतीजा बिना हेलमेट के मोपेड से गोहलपुर थाने के सामने से गुजर रहा था, जिसे पुलिस ने दोपहर 12:30 बजे चेकिंग के दौरान रोका।
भतीजे ने पार्षद चाचा को फोन कर पुलिस से बात करने को कहा, लेकिन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने बात करने से मना कर दिया। पार्षद शरद श्रीवास्तव ने बताया कि वे अपनी बेटी को कोचिंग से लेने रानीताल जा रहे थे, तभी रास्ते में रुककर उन्होंने भतीजे को अपनी गाड़ी से बेटी को लाने बोला और खुद चालान की प्रक्रिया पूरी करने के लिए रुक गए। पार्षद का आरोप है कि इसी दौरान एएसआई रंजीत सिंह ने उनसे बदतमीजी की। जबकि मैं चालान कटवाने को तैयार था, लेकिन एएसआई गुंडागर्दी पर उतारू हो गए। उन्होंने मेरी बेटी को लेकर बेहद आपत्तिजनक और अपशब्दों का इस्तेमाल किया।
इस अपमान से आक्रोशित पार्षद के समर्थन में भाजपा कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ गोहलपुर थाने जमा हो गई। समर्थकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। पार्षद ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर अभद्र व्यवहार करने वाले एएसआई को निलंबित कर उन पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो वे आत्महत्या कर लेंगे। मामले के तूल पकडऩे पर सीएसपी मधुर पटेरिया और थाना प्रभारी रीतेश पांडे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पार्षद को शांत कराते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
