जबलपुर: जिले में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज आंधी, बारिश और कई स्थानों पर हुई ओलावृष्टि ने ग्रीष्मकालीन उड़द और मूंग की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। शनिवार को भी चले तूफान और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे उत्पादन घटने की आशंका बढ़ गई है।
खेतों में झुकी फसल, दाने हुए खराब
किसानों का कहना है कि तेज हवाओं के चलते कई खेतों में फसल झुक गई है और दाने खराब हो गए हैं। इससे न केवल पैदावार प्रभावित होगी, बल्कि आर्थिक नुकसान भी बढ़ेगा। पहले से ही मौसम की अनिश्चितता झेल रहे किसानों के लिए यह स्थिति और अधिक चिंताजनक बन गई है। बेमौसम बारिश ने किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ, तो फसल को और अधिक नुकसान हो सकता है।
आमाहिनौता में सर्वे शुरू, मुआवजे की मांग
ग्राम आमाहिनौता एवं आसपास के क्षेत्रों में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से फसलों में भारी तबाही हुई है। किसानों ने इसकी सूचना सरपंच श्रीमती कंचन लखन पटेल को दी, जिन्होंने तत्काल तहसीलदार आदित्य जघेंला को स्थिति से अवगत कराया। तहसीलदार के निर्देश पर पटवारी पुष्पेंद्र अहिरवार ने मौके पर पहुंचकर खेतों का निरीक्षण किया और किसानों के साथ भौतिक सत्यापन कर पंचनामा तैयार किया। सर्वे के दौरान किसानों ने सरकार से तत्काल मुआवजा देने की मांग की है।
किसानों को राहत का इंतजार
सर्वे टीम के साथ गांव के कई किसान भी मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन से शीघ्र राहत दिलाने की अपील की है। किसानों को अब शासन से मदद मिलने की उम्मीद है, ताकि वे इस प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई कर सकें।
