तेल अवीव, 30 अप्रैल (वार्ता) इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल ईयाल ज़मीर ने पुष्टि की है कि दक्षिण लेबनान में हिजबुल्लाह के साथ ‘कोई युद्धविराम नहीं’ है तथा लेबनान के साथ दो सप्ताह से लागू युद्धविराम के बीच इस कट्टरपंथी संगठन के साथ समानांतर युद्ध जारी है। चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, श्री ज़मीर की यह टिप्पणी इजरायल के उन प्रयासों के बीच आई है जिसमें वह अमेरिका से लेबनानी सरकार के साथ अपनी ऐतिहासिक प्रत्यक्ष वार्ता को दो सप्ताह की समय सीमा तक सीमित करने और वार्ता विफल होने पर हिजबुल्लाह के खिलाफ बड़े पैमाने पर आईडीएफ अभियान को मंजूरी देने का आग्रह कर रहा है। इजरायल और लेबनान के बीच अमेरिका की मध्यस्थता वाला युद्धविराम 17 अप्रैल को शुरू हुआ था, जिसे 24 अप्रैल को अतिरिक्त तीन सप्ताह के लिए बढ़ा दिया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उस समय इसकी घोषणा की थी।
इसके बावजूद सीमा पार लड़ाई जारी है और यह युद्धविराम एक अस्थिर शांति से अधिक कुछ नहीं साबित हो रहा है। दक्षिण लेबनानी शहर तैबेह में बोलते हुए, श्री ज़मीर ने इजरायली रुख को स्पष्ट किया और चेतावनी दी कि आईडीएफ उग्रवादी समूह के किसी भी हमले को ‘बर्दाश्त नहीं करेगा’। श्री जमीर ने कहा कि इजरायल दक्षिण लेबनान में बनाए गए सुरक्षा बफर जोन को तब तक नहीं छोड़ेगा जब तक कि उसके उत्तरी समुदायों के लिए खतरा पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाता। आईडीएफ की प्रकाशित टिप्पणियों के अनुसार श्री जमीर ने कहा, “हम अपने समुदायों पर हमलों और गोलीबारी को बर्दाश्त नहीं करेंगे और हम तब तक नहीं हटेंगे जब तक कि उत्तरी समुदायों के लिए दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती।”
चीफ ऑफ स्टाफ ने सेना से कहा, “लड़ाई के मोर्चे पर कोई युद्धविराम नहीं है। आप लड़ना जारी रखें, उत्तरी समुदायों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष खतरों को दूर करें, आतंकी बुनियादी ढांचे को विफल करें और आतंकवादियों को खोजकर मार गिराएं।” उन्होंने कहा कि येलो लाइन और लिटानी नदी के उत्तर सहित कहीं भी हमारे समुदायों या बलों के लिए किसी भी खतरे को हटाया जाएगा। इजरायली सैन्य बल ने बताया कि उसने हिजबुल्लाह के एक रॉकेट लॉन्चर को नष्ट कर दिया है और समूह द्वारा इजरायल की ओर लॉन्च किए गए दो विस्फोटक ड्रोन को मार गिराया है। इजरायली सेना के अनुसार, हिजबुल्लाह ने बुधवार को दो अलग-अलग घटनाओं में दक्षिण लेबनान में इजरायली सैनिकों पर कई और विस्फोटक से लदे ‘फर्स्ट-पर्सन व्यू’ (एफपीवी) ड्रोन लॉन्च किए। ये ड्रोन बलों के पास फटे, लेकिन इससे कोई हताहत नहीं हुआ।

