नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (वार्ता) सरकारी क्षेत्र के बैंकों के परिचालन को मजबूत बनाने के लिए कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त रूप से बढ़ाने की रणनीति के तहत वित्त वर्ष 2025–26 में 50,000 से ज़्यादा उम्मीदवारों का चयन किया गया जो इससे पिछले साल से 33 प्रतिशत ज़्यादा है। ये नियुक्तियां बैंक कर्मी चयन संस्थान (आईबीपीएस) के जरिये की जाती हैं। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को जारी एक एक विज्ञप्ति में बताया कि उसके वित्तीय सेवा विभाग ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में मानव संसाधन क्षमता को मज़बूत करने के लिए लगातार और लक्षित उपाय किए हैं। ये उपाय कर्मचारियों की संख्या को संतुलित तरीके से बढ़ाने, काम करने के तरीके को बेहतर बनाने और शासन-केंद्रित सुधारों के ज़रिए किए जा रहे हैं।
सरकारी बैंकों में संस्थान के जरिये होने वाली ये भर्तियां इसमें शामिल बैंकों के कर्मचारियों से जुड़ी खास ज़रूरतों के हिसाब से होती है। यह केंद्रीकृत और मानकीकृत ढांचा, चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और कुशलता सुनिश्चित करता है। विज्ञप्ति में सरकारी बैंकों से प्राप्त जानकारी के आधार पर बताया गया है कि 2025–26 में सरकारी बैंकों में कुल 50,552 उम्मीदवारों का चयन हुआ है और उन्हें नौकरी के प्रस्ताव के पत्र जारी किए गए हैं। यह बैंकिंग क्षेत्र की बढ़ती व्यावसायिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कर्मचारियों की संख्या में हुई एक बड़ी बढ़ोतरी को दिखाता है। वर्ष 2023–24 में यह संख्या 30,827 थी, जो वित्त वर्ष 2024–25 में बढ़कर 37,860 हो गई।

