इंदौर: शहर के अधिकांश हिस्सों में लोग भीषण गर्मी और पानी की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं. जहां यशवंत सागर तालाब में जलस्तर घटने और नर्मदा पाइपलाइन में ड्रेनेज मिलने से जल संकट गहरा गया है. शहर के कई इलाकों में गंदे पानी की आपूर्ति, टैंकरों पर निर्भरता और नगर निगम की नाकामी के चलते स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश है.इसी तरह पानी की गंभीर समस्या से वार्ड क्रमांक 68 के रहवासी जूझ रहे हैं. इस क्षेत्र में नर्मदा लाइन बिछी होने के बावजूद रविदासपुरा सहित कई कॉलोनियों और बस्तियों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है. कई स्थानों पर नलों से केवल हल्का और थोड़ा-बहुत पानी आता है, जबकि कई जगह सप्लाई पूरी तरह बंद पड़ी है. इससे क्षेत्रवासियों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. खासकर महिलाओं को सुबह तड़के घरों से निकलकर दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी भरकर लाना पड़ रहा है. वहीं, कई परिवारों को निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है. रहवासियों द्वारा जल संकट को लेकर कई बार नगर निगम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं. जमीनी स्तर पर न तो सप्लाई सुधरी और न ही कोई स्थायी समाधान हुआ.
यह बोले रहवासी…
पानी की समस्या बहुत गंभीर बनी हुई है. नलों से पानी आता ही नहीं है, अब किसको जाकर कहें, कोई सुनता भी तो नहीं. न पार्षद न नेता न कोई अधिकारी. हमारी सुध लेने कोई नहीं आता.
– उर्मिला बाई
पानी का प्रेशर बहुत कम है और एक दिन छोड़कर पानी आता है. या तो बोरिंग पर जाकर पानी लेना पड़ता है या फिर इधर-उधर जाकर पानी लाना पड़ता है.
– पूजा पाटिल
नर्मदा से थोड़ा-बहुत पानी आता है, लेकिन वह भी गंदा. अगर पूरे टाइम साफ पानी मिले तो खाने-पीने के लिए पर्याप्त हो जाए. बाकी वापरने के लिए बोरिंग से काम चल जाएगा.
– स्मिता भावे
