कोलकाता, 29 अप्रैल (वार्ता) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार को मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में तकनीकी गड़बड़ी की छिटपुट घटनाओं को छोड़कर काफी हद तक शांतिपूर्ण दिख रहा है। शुरुआती रुझान पहले चरण की रिकॉर्डतोड़ भागीदारी के बाद इस चरण में भी भारी मतदान का संकेत दे रहे हैं। अपराह्न एक बजे तक 61.11 प्रतिशत मतदान हुआ।
चुनाव आयोग ने जो प्रारंभिक आंकड़े जारी किये हैं, उनके अनुसार, पहले छह घंटों में कुल मतदान 61.11 प्रतिशत रहा। जिलावार विवरण से पता चला है कि पूर्व बर्धमान में सबसे अधिक 66.80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि कोलकाता दक्षिण जिला में सबसे कम 57.73 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान सुबह सात बजे शुरु हुआ था और शाम छह बजे तक चलेगा।
चुनाव आयोग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार हुगली जिले में 64.57 प्रतिशत, हावड़ा में 60.80, कोलकाता उत्तर में 60.18, नदिया में 61.41, उत्तर 24 परगना में 59.20, दक्षिण 24 परगना में 58.58 प्रतिशत मतदान हुआ है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में 58.53 प्रतिशत मतदान हुआ। इस सीट पर उनके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी चुनाव मैदान में है।
कई निर्वाचन क्षेत्रों से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से संबंधित गड़बड़ियों की खबरें आईं, जिससे अस्थायी व्यवधान और मतदाताओं में बेचैनी पैदा हुई। बाली विधानसभा क्षेत्र में, मशीनों में खराबी के कारण ‘डॉन बॉस्को’ और ‘लिलुआ सोहनलाल विद्यालय’ के केंद्रों पर मतदाता उत्तेजित हो गये। स्थिति को नियंत्रित करने के लिये केंद्रीय बलों को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।
घटना में एक तृणमूल कांग्रेस एजेंट घायल हो गया और दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में खराबी की ऐसी ही शिकायतें बरुईपुर पूर्व के केंद्र संख्या 46 से मिलीं, जहां मतदान में करीब एक घंटे की देरी हुई, और नबद्वीप के केंद्र संख्या 69 से भी शिकायतें आईं, जहां तकनीकी समस्याओं के कारण मतदान शुरू होने से पहले ही रोकना पड़ा।
हुगली और हावड़ा के कुछ अलग-थलग हिस्सों में मशीनों की खराबी के अलावा कानून-व्यवस्था भंग होने की घटनाएं भी हुईं। सिंगूर में तनाव बना रहा, जहां तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार बेचाराम मन्ना ने विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया और देर रात एक स्थानीय पुलिस स्टेशन का घेराव किया।
राज्य में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में कुल 142 विधानसभा सीटों के लिए 1448 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चरण में 41001 मतदान केन्द्र (39301 मुख्य और 1700 सहायक मतदान केन्द्र) बनाये गये हैं, जिसमें ग्रामीण मतदान केन्द्रों की संख्या 25083 और शहरी मतदान केन्द्रों की संख्या 14218 तथा 258 मॉडल मतदान केन्द्र हैं। इस चरण में 8845 मतदान केन्द्रों का प्रबंध पूरी तरह महिलाएं कर रही हैं। आयोग ने मतदान को हिंसा और भय से मुक्त रखने तथा स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कराने के लिए व्यापक इंतजाम किये हैं और संवेदनशील इलाकों में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की सघन तैनाती की गयी है। चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों की 2,407 कंपनियों को तैनात किया है।
सभी मतदान केन्द्रों पर सुबह से मतदाता मतदान के लिए पहुंच रहे हैं । दूसरे चरण में कुल 1,448 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चरण में सर्विस मतदाता सहित कुल 3.22 करोड से अधिक मतदाता हैं, जिनमें 1.64 करोड़ पुरुष, 1.57 करोड़ महिलाएं और 792 उभयलिंगी शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में कुल 6.44 करोड़ मतदाता हैं।राज्य में मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच है तथा कांग्रेस और वामपंथी दल भी पुरजोर से अपनी ताकत आजमा रहे हैं। भवानीपुर सीट इस बार के चुनाव में सबसे चर्चित सीट बनी हुई है, जहां मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता एवं भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के बीच है।
पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान हुआ था जिसमें 93.19 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला था।दोनों चरणों की मतगणना चार मई को होगी।
