नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (वार्ता) छुट्टियां बिताने के लिए पसंदीदा स्थान चुनने के भारतीय पर्यटकों के मानदंड बदल रहे हैं और अब वे ऐसी जगहों पर जाना चाहते हैं जहां कुछ नया अनुभव मिले और बहुत ज्यादा लोग न जाते हों। ब्रितानी सर्च एग्रीगेटर एवं ट्रेवल एजेंसी स्काईस्कैनर की यहां मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि 81 प्रतिशत भारतीय पर्यटकों को नयी जगहों पर जाने से कोई गुरेज नहीं है जबकि 60 प्रतिशत से अधिक लोग कम भीड़-भाड़ वाली शांत जगहों को पसंद करते हैं। स्काईस्कैनर के भारतीय कारोबार के प्रमुख नील घोष ने यह रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि पहले जहां लोग ज्यादातर ऐसी जगहों पर जाना पसंद करते थे जो प्रसिद्ध हों या लोकप्रिय हों, वहीं अब वे ऐसी जगहों को तरजीह दे रहे हैं जहां कम लोग जाते हैं, जहां कुछ नया अनुभव मिले और बिल्कुल अनजान जगहों पर जाने से भी नहीं कतराते हैं।
उन्होंने बताया कि छोटे-छोटे और नये पर्यटन स्थलों के उभरकर सामने आने का एक कारण यह भी है कि पहले जहां ये जगहें दुर्गम थीं अब इनके लिए परिवहन सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हैं।
श्री घोष का कहना है कि पश्चिम एशिया संकट के कारण लोगों ने अपने गंतव्य जरूर बदले हैं लेकिन छुट्टियों पर बाहर जाना पूरी तरह टाला नहीं है। उन्होंने कहना है कि आम तौर पर भी अब पर्यटक अपने गंतव्य और समय को लेकर काफी लचीलापन दिखा रहे हैं। यही कारण है कि 48 फीसदी भारतीय पर्यटक अब नॉन-पीक टाइम यानी उन दिनों में भी सफर करने के लिए तैयार हैं जब भीड़ ज्यादा नहीं होती।
रिपोर्ट के अनुसार, एक-तिहाई लोग छुट्टी रद्द करने की बजाय अपना गंतव्य बदलने के लिए तैयार हैं।
रिपोर्ट लॉन्च के मौके पर होस्टल चेन जोस्टल और जो वर्ल्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अविरल गुप्ता ने बताया कि अब काफी पहले योजना बनाने की बजाय लोग अंतिम समय में यात्रा के लिए ज्यादा बुकिंग कर रहे हैं। लगभग आधे पर्यटक अब उसी दिन या यात्रा से एक दिन पहले बुकिंग करते हैं। उन्होंने कहा कि अब यात्रा छुट्टियां मनाने के कहीं बढ़कर जीवनशैली में शामिल हो चुका है। भारत में पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं के बारे में श्री घोष ने कहा कि स्काईस्कैनर ने देश में करीब डेढ़ साल पहले अपना कारोबार शुरू किया था। इतने कम समय में ही कंपनी के सर्च प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल के मामले में भारत पहले नंबर पर पहुंच गया है।

