इंदौर: एमआर 10 पर आईडीए द्वारा निर्मित आईएसबीटी के संचालन के लिए तीन बार टेंडर जारी होने के बाद भी किसी कंपनी ने रुचि नहीं ली. खास बात यह है कि आईडीए ने उक्त बस स्टैंड निर्माण पर 100 सौ करोड़ रुपए खर्च किए है.आईडीए ने एमआर 10 ग्राम कुमेडी में 15 एकड़ जमीन पर आधुनिक एयर कंडीशनर बस स्टैंड का निर्माण किया है. उक्त बस स्टैंड सिंहस्थ की तैयारियों और यातायात सुगमता को ध्यान में रखकर बनाया गया है.
बस स्टैंड के संचालन और संधारण के लिए तीन बार टेंडर जारी किए, लेकिन किसी भी कंपनी ने टेंडर में भाग नहीं लिया. आईडीए ने टेंडर शर्तो में बदलाव भी किया, इसके बावजूद कोई कंपनी नहीं आई. सूत्रों के अनुसार आईडीए में एक बार फिर टेंडर शर्तो और आर्थिक बिंदु पर कुछ बदलाव कर नए सिरे से टेंडर जारी करने की कवायद चल रही है.
इसमें खास मुद्दा आईडीए को प्रति माह भुगतान करने वाली राशि और क्षेत्रीय राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर आ रहा है. ध्यान रहे कि कलेक्टर ने पिछले मार्च में 250 बसें आईएसबीटी से चलने के आदेश दिए थे. उसी को दृष्टिगत रखते हुए आईडीए ने टेंडर जारी किए थे. प्रशासन ने तय किया था कि शुरू में गुजरात, दिल्ली और राजस्थान रूट की बसें चलाई जाएगी.इधर,बस स्टैंड की बिल्डिंग और बाहर की व्यवस्थाओं का रखरखाव आईडीए को ही करना पड़ रहा है. सूत्रों के अनुसार आईएसबीटी के तीसरे टेंडर में भी कोई कंपनी नहीं आई, तो आईडीए को प्रति माह 15 से 20 लाख रुपए रखरखाव का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ेगा.
