सेंट पीटर्सबर्ग | ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराकची अपने कूटनीतिक मिशन के तहत रूस पहुंचे हैं, जहां सोमवार को सेंट पीटर्सबर्ग में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उनसे मुलाकात की। रूसी समाचार एजेंसी ‘तास’ के अनुसार, पुतिन ने अपनी संप्रभुता के लिए ईरान द्वारा लड़ी जा रही लड़ाई की जमकर प्रशंसा की। इस दौरान पुतिन ने तेहरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई के एक विशेष संदेश का भी जिक्र किया। पुतिन ने स्पष्ट किया कि रूस पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने और ईरान के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करने को प्रतिबद्ध है।
मुलाकात के बाद अब्बास अराकची ने रूस को एक ‘पक्का और अडिग’ दोस्त बताते हुए कहा कि इस बैठक ने दुनिया को दिखा दिया है कि कठिन समय में ईरान अकेला नहीं है। विशेष रूप से, अराकची की फ्लाइट का कॉलसाइन ‘मिनाब 168’ रखा गया था, जो अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए ईरानी बच्चों की याद में एक कूटनीतिक संदेश था। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भी इस दौरे की पुष्टि करते हुए इसे दोनों देशों के बीच मजबूत होते सामरिक रिश्तों का प्रतीक बताया। मॉस्को और तेहरान ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन करने का संकल्प दोहराया है।
मॉस्को में ईरान के राजदूत काजम जलाली के अनुसार, इस दौरे का मुख्य एजेंडा मध्यस्थता, सीजफायर और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा करना है। अराकची ने रूस से पहले ओमान और पाकिस्तान की यात्रा की थी, जहां ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के लिए नई कानूनी व्यवस्था और अमेरिकी नाकाबंदी हटाने जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई। रूस और चीन ने पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी प्रस्तावों के खिलाफ वीटो का इस्तेमाल कर तेहरान का साथ दिया है। ईरान अब अपने हालिया शांति प्रस्ताव के लिए रूस जैसे शक्तिशाली देशों का अंतरराष्ट्रीय सहयोग जुटाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

