
भोपाल। भोपाल में रविवार को राज्य पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारियों के संगठन द्वारा 41वां वरिष्ठ सदस्य एवं मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व अधिकारियों, वर्तमान पुलिस कर्मियों और पुलिस परिवारों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि अनुशासन, ईमानदारी और समाज के प्रति समर्पण जैसे मूल्य सेवा निवृत्ति के बाद भी जीवनभर बने रहते हैं। उन्होंने सेवानिवृत्त अधिकारियों को पुलिस विभाग की मजबूत नींव बताते हुए कहा कि उनका अनुभव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
डीजीपी ने विभाग में चल रहे सुधारों का उल्लेख करते हुए बताया कि पेंशनर्स के अनुभवों को संस्थागत रूप देने के लिए संरचित संवाद, थाना स्तर पर बेहतर समन्वय और समर्पित सहायता प्रणाली विकसित की जा रही है। साथ ही एक डिजिटल पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिससे सेवानिवृत्त अधिकारियों को पुनः रोजगार, सुरक्षा सेवाओं और परामर्श भूमिकाओं से जोड़ा जा सके।
उन्होंने कल्याणकारी योजनाओं पर जोर देते हुए कहा कि बैंकिंग सुविधाओं, दुर्घटना सहायता और स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा रहा है। पुलिस परिवारों के लिए छात्रवृत्ति, चिकित्सा सहायता और आपात सहयोग जैसी योजनाएं लगातार जारी हैं।
आधुनिकीकरण के तहत ई-एचआरएमएस (इलेक्ट्रॉनिक मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली) के माध्यम से डेटा आधारित निर्णय, डायल-112 की सुदृढ़ व्यवस्था और साइबर अपराधों के लिए ई-एफआईआर प्रणाली लागू की गई है। आगामी सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों को देखते हुए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में सेवानिवृत्त अधिकारियों को सम्मानित किया गया तथा पुलिस परिवार के मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
