
रीवा। रीवा जिले से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलता एक वीडियो सामने आया है. यहां अस्पताल के पोर्च के नीचे मरीज 3 घंटे अपनी जान बचाने के लिए तड़पता रहा और उसके परिजन चीखते चिल्लाते रहे लेकिन डॉक्टर के कान में जू तक नहीं रेगी और अंत में मरीज की जान चली गई.
जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया है. बताया गया है कि बाल्मिक साकेत निवासी ग्राम कोलहा थाना सिरमौर को अज्ञात पदार्थ के सेवन के चलते सिविल हॉस्पिटल सिरमौर उपचार के लिए लाया गया था. जहां परिजन उसे अस्पताल की पोर्च के नीचे लिटाकर चिकित्सकों के पास चले गए. लेकिन सिविल अस्पताल में मौजूद चिकित्सक न तो मरीज को देखने आए और ना ही उसे उपचार के लिए अस्पताल के अंदर ले जाया गया. तकरीबन 3 घंटे तक परिजन उपचार के लिए चिकित्सकों के सामने गिड़गिड़ाते रहे. वही वृद्ध अपने जीवन के लिए संघर्ष करता रहा 3 घंटे बाद वृद्ध की हुई मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. जिसके बाद चिकित्सकों ने घटना की सूचना सिरमौर पुलिस को दी मौके पर पहुंची सिरमौर पुलिस ने परिजनों को समझाइस देकर मामला शांत कराया. सिरमौर सिविल अस्पताल में पदस्थ चिकित्सकों की लापरवाही के मामले सामने आ चुके हैं. बताया गया है कि यहां पदस्थ चिकित्सा अपने निर्धारित समय और दिन के मुताबिक ड्यूटी करने की वजह मनमानी तरीके से ड्यूटी करते हैं जिसके चलते अक्सर डाक्टर उपस्थित नहीं रहते और मरीजो को उपचार नहीं मिल पाता है.
