नई दिल्ली | आईपीएल के 19वें सीजन में न केवल चौकों-छक्कों की बरसात हो रही है, बल्कि मैदान पर फील्डिंग का स्तर भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक कैच लपकने वाले टॉप-5 फील्डर्स की सूची में विदेशी खिलाड़ियों ने अपना कब्जा जमा रखा है। गुजरात के ग्लेन फिलिप्स 8 कैच के साथ ‘असली सुपरमैन’ बनकर उभरे हैं, जबकि पंजाब के जेवियर बार्टलेट 7 कैच के साथ दूसरे स्थान पर हैं। भारतीय खिलाड़ियों में केवल मुंबई के तिलक वर्मा (6 कैच) ही इस विशिष्ट सूची में जगह बना पाए हैं। चेन्नई के डेवाल्ड ब्रेविस और बेंगलुरु के फिल साल्ट भी 6-6 कैच के साथ इस रेस में मजबूती से बने हुए हैं।
अगर टीमवार प्रदर्शन की बात करें, तो सनराइजर्स हैदराबाद की टीम फील्डिंग के मोर्चे पर सबसे सक्रिय नजर आ रही है। हैदराबाद ने अब तक 7 मैचों में 51 कैच के मौके बनाए हैं, जिनमें से उन्होंने 40 कैच सफलतापूर्वक लपके हैं। हालांकि, इसी टीम ने सबसे ज्यादा 11 कैच छोड़े भी हैं, जो उनके लिए चिंता का विषय हो सकता है। राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस भी कैच पकड़ने की सटीकता के मामले में काफी बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। इस सीजन में श्रेयस अय्यर द्वारा लिया गया ‘कैच ऑफ द सेंचुरी’ इस बात का प्रमाण है कि टीमें अब एक-एक रन बचाने और मुश्किल कैच लपकने के लिए जान लगा रही हैं।
फील्डर्स के अलावा विकेट के पीछे खड़े दस्तानेधारियों ने भी अपनी फुर्ती से सबको चौंकाया है। राजस्थान रॉयल्स के ध्रुव जुरेल 7 मैचों में 11 कैच, 1 स्टंपिंग और 1 रनआउट के साथ विकेटकीपिंग चार्ट में शीर्ष पर काबिज हैं। उनके बाद जोस बटलर, ऋषभ पंत और जितेश शर्मा जैसे खिलाड़ी भी अपनी शानदार विकेटकीपिंग से मैचों का पासा पलट रहे हैं। फील्डिंग का यह उच्च स्तर टूर्नामेंट को और भी रोमांचक बना रहा है, क्योंकि अब केवल बल्लेबाजी या गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि ‘कैच विन मैचेस’ का मंत्र भी प्लेऑफ की रेस में टीमों के लिए निर्णायक साबित हो रहा है।

