सतना:जिले में ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट की संभावनाओं को देखते हुए कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने गुरुवार को उचेहरा जनपद पंचायत के पठारी अंचल के विभिन्न ग्राम पंचायतों का सघन भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जमीनी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पेयजल आपूर्ति, हैंडपंपों की स्थिति, जलस्रोतों की उपलब्धता तथा टैंकर आपूर्ति जैसी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। ग्राम पंचायत उरई चुआं के सघन निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गांव में पूर्व से स्थापित बोरवेल में जल स्तर गिरने से समीप ही स्पाट सोर्स की पानी की टंकी बनाकर जल वितरण कराने के निर्देश दिये।
इसके अलावा गांव के तालाब में वाटर रिचार्ज संरचना बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये। गांव का एक अन्य तालाब में सैंड स्टोन के कारण सीपेज का पानी को रोकने तकनीकी अधिकारियों को परीक्षण करने के निर्देश भी दिये। उरई चुआं के एक अन्य हैण्डपंप में पर्याप्त पानी की उपलब्धता पर पेयजल के अनुकूल नहीं होने से इस पानी का उपयोग गांव में हौदी बनाकर पशुओं के पेयजल और निस्तार के कार्यो में करने की सलाह दी।
कलेक्टर ने ग्रामीाण क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में किसी भी ग्राम में पेयजल की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत, वैकल्पिक जलस्रोतों की व्यवस्था तथा जरूरत पड़ने पर टैंकरों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल संकट संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जाए तथा जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल व्यवस्था शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न की जाये। इस अवसर पर एसडीएम सुमेश द्विवेदी, तहसीलदार सुश्री ज्योति पटेल, जनपद पंचायत सीईओ ओपी अस्थाना सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे
