जबलपुर:राजस्व विभाग की महत्वाकांक्षी योजना ‘लिगेसी रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण’ के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बरतने पर जबलपुर जिले के दो पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार इस महत्वपूर्ण कार्य में उदासीनता दिखाने और रिकॉर्ड की जांच न करने के कारण पाटन तहसील के पटवारी देवेंद्र पटेल और रांझी तहसील के पटवारी चंद्रशेखर चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इन दोनों कर्मचारियों द्वारा डाटा चेक न किए जाने के फलस्वरूप रिकॉर्ड ऑटो अपडेट मोड पर चला गया, जिसे शासकीय कार्यों में घोर लापरवाही और वरिष्ठ कार्यालयों के आदेशों की अवहेलना माना गया है।
पुराने राजस्व हो रहे डिजिटल स्वरूप में परिवर्तित
उल्लेखनीय है कि विभाग द्वारा वर्तमान में जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर छह प्रकार के पुराने राजस्व अभिलेखों को डिजिटल स्वरूप में परिवर्तित किया जा रहा है। योजना के नियमों के अनुसार पोर्टल पर डाटा सार्वजनिक करने से पूर्व संबंधित पटवारियों को कुल रिकॉर्ड का पांच प्रतिशत अनिवार्य रूप से सत्यापित करना होता है। इस प्रक्रिया में यह प्रावधान भी है कि यदि निर्धारित समय-सीमा में रिकॉर्ड की जांच नहीं की जाती, तो डाटा दस दिनों के भीतर स्वतः अपडेट होकर पोर्टल पर प्रदर्शित होने लगता है, जिससे त्रुटियों की संभावना बनी रहती है।
शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी
निलंबन की अवधि के दौरान दोनों पटवारियों का मुख्यालय संबंधित तहसील कार्यालय नियत किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि डिजिटल इंडिया के तहत चलाए जा रहे इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
