
रतलाम/आलोट। खजूरी देवड़ा में पदस्थ पटवारी रविशंकर खराड़ी की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले में जिलेभर के कर्मचारी संगठन भी खुलकर सामने आ गए हैं। गुरुवार को विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने रैली निकाल कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपते हुए नायब तहसीलदार सविता राठौर के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का प्रकरण दर्ज करने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने से पहले जिलेभर के पटवारी और कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी पुराने कलेक्ट्रेट स्थित गुलाब चक्कर पर एकत्रित हुए। यहां से रैली निकालते हुए सभी कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान नायब तहसीलदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और दिवंगत पटवारी को न्याय दिलाने की मांग उठाई गई।
कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 दिन के भीतर संबंधित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो पटवारी काम बंद कर अपने बस्ते जमा कर देंगे। आंदोलन को व्यापक रूप देने की भी बात कही गई है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नायब तहसीलदार द्वारा पटवारी रविशंकर खराड़ी पर अत्यधिक कार्य का दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान थे और इसी कारण उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया। बताया गया कि मृतक के घर से एक पत्र भी मिला है, जिसमें प्रताडऩा, अनुचित दबाव और गलत बटांकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए मजबूर किए जाने जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। इसके अलावा, एक अन्य पटवारी जितेंद्र परमार के साथ भी कथित प्रताडऩा का उल्लेख करते हुए उन्हें बहाल करने की मांग उठाई गई है।
समयसीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो करेंगे उग्र आंदोलन
पटवारी कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदार ने कहा कि यदि समयसीमा में कार्रवाई नहीं होती है, तो सभी कर्मचारी संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
