
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार की उस अपील पर स्थगन देने से इनकार कर दिया, जिसमें सिंगल बेंच द्वारा संविदा कर्मियों के पक्ष में दिए गए निर्णय को चुनौती दी गई थी। न्यायालय ने कहा कि यह बड़े वर्ग के भविष्य से जुड़ा मसला है, इसलिए इस पर स्थगन नहीं दिया जाएगा। सरकार को सिंगल बेंच के निर्णय का पालन करने के निर्देश दिये है।
हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट की सिंगल बेंच ने 9 अप्रैल को कहा था कि 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके संविदा कर्मचारियों को सामान्य प्रशासन विभाग की 7 अक्टूबर 2016 की नीति का लाभ दिया जाए। जिस प्रकार दैनिक वेतन भोगियों को नियमित किया गया और उन्हें वेतनमान, भत्ते व वार्षिक वेतन वृद्धि दी गई, वही लाभ अब संविदा कर्मियों को भी दिया जाएगा। इस निर्णय के खिलाफ सरकार ने अपील की थी। अधिवक्ता ओपी द्विवेदी ने बताया कि न्यायालय ने 9 अप्रैल को उनके मामले में दिए गए निर्णय को उचित ठहराते हुए सरकार की अपील निरस्त कर दी।
