सतना :भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा ज्ञान भारतम् पांडुलिपि मिशन के अन्तर्गत मध्यप्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों पर पाण्डुलिपि का सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर सतना डॉ. सतीश कुमार एस के निर्देशन में शनिवार को एसडीएम मझगवां महिपाल सिंह गुर्जर और तहसीलदार कमलेश सिंह भदौरिया ने चित्रकूट के धार्मिक स्थलों एवं मंदिरों में पहुंचकर पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण किया।
ज्ञान भारतम मिशन, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है। जिसकी घोषणा 01 फरवरी 2025 को केंद्रीय बजट पैरा 84 में की गई थी। इसका उद्देश्य भारत की हस्तलिखित विरासत का सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण, संरक्षण, डिजिटलीकरण और प्रचार-प्रसार करना है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के ज्ञान भारतम मिशन एवं मध्यप्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के बीच 19 दिसम्बर 2025 को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया है। इस मिशन में मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत समस्त राज्यों में पाण्डुलिपियों के सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण एवं डिजिटलीकरण हेतु 16 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में स्थित निजी शोध संस्थान, महाविद्यालय, ग्रंथालय, मंदिरों, मठ/आश्रम, प्राइवेट ट्रस्ट इत्यादि में संरक्षित प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों की खोज कर ज्ञान भारतम एप द्वारा जानकारी अपलोडिंग अभियान संचालित है।
सतना जिला में प्राप्त जानकारी के अनुसार तुलसी शोध संस्थान, चित्रकूट में महर्षिवाल्मिकी कृत रामायण के अंश, गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस के 7 काण्ड, महाभारत के पर्व, हस्तलिखित उर्दू रामायण, श्रीमद्भागवत, दुर्गासप्तशती, श्रीगुरुचारितम तथा अन्य पाण्डुलिपियाँ उपलब्ध हैं। इन पाण्डुलिपियों को एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर एवं तहसीलदार चित्रकूट कमलेश सिंह भदोरिया द्वारा अवलोकन कर ज्ञान भारतम् एप पर अपलोडिंग हेतु संबंधित संस्थानों को अवगत कराया गया।
