
खंडवा। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ में खंडवा विधानसभा निर्वाचन 2023 से जुड़ी चुनाव याचिका (कुंदन मालवीय बनाम कंचन तनवे एवं अन्य) की सुनवाई में अदालत ने शिक्षकों को समन जारी करते हुए मामले को निर्णायक मोड़ पर ला दिया है।
न्यायालय ने पुनासा ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक शाला पलसूद माल और शासकीय माध्यमिक शाला खैगांव के प्रधानाध्यापकों को तलब किया है। दोनों को 6 और 7 मई 2026 को अदालत में उपस्थित होकर वर्ष 1988 से 1999 तक के शैक्षणिक अभिलेख प्रस्तुत करने और जिरह का सामना करने के निर्देश दिए गए हैं। अब इस मामले में स्कूल रिकॉर्ड और शिक्षकों के बयान सबसे अहम साक्ष्य माने जा रहे हैं।
इससे पहले अदालत ने याचिकाकर्ता द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्रस्तुत दस्तावेजों को साक्ष्य के रूप में स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। न्यायालय ने कहा कि ये दस्तावेज केवल प्रमाणित प्रतियां हैं और इन्हें विधिसम्मत प्रक्रिया के बिना प्राथमिक साक्ष्य नहीं माना जा सकता। आवश्यक प्रक्रिया का पालन न होने के कारण इन्हें रिकॉर्ड पर प्रदर्श के रूप में शामिल नहीं किया गया।
वहीं, प्रतिवादी विधायक कंचन तनवे की ओर से अधिवक्ता अनस हसन खान के माध्यम से 12 दस्तावेज और 5 गवाहों की सूची प्रस्तुत की गई है। इसमें शैक्षणिक प्रमाण पत्र, छात्रवृत्ति रिकॉर्ड, एसडीओ न्यायालय के दस्तावेज, जाति प्रमाण पत्र, समग्र आईडी और अन्य अभिलेख शामिल हैं।
अब 6 मई से शुरू होने वाली सुनवाई में शिक्षकों की गवाही और स्कूल रिकॉर्ड के आधार पर मामले की कानूनी स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।
