शिलांग, (वार्ता) मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने गुरुवार को उम्मीद जताई कि संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद संसद में मेघालय का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा।
श्री संगमा ने कहा, “यह एक लंबे समय से लंबित मांग (महिला आरक्षण विधेयक) थी, जिसे बहुत पहले ही पूरा कर दिया जाना चाहिए था। इस साहसिक फैसले के लिए हमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को श्रेय देना चाहिए।” उन्होंने कहा कि यह विधेयक प्रतिनिधित्व में मौजूद एक स्पष्ट कमी को दूर करता है। राज्य सरकार और उनकी पार्टी, नेशनल पीपल्स पार्टी, इस ऐतिहासिक सुधार का पूरी तरह से समर्थन करती हैं। यह अधिनियम महिलाओं को शीर्ष स्तर पर निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “आलोचक और विरोधी विचार हमेशा रहेंगे, लेकिन यदि आप व्यापक समाज और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व पर इसके प्रभाव को देखें, तो यह स्पष्ट है कि महिलाओं का प्रतिनिधित्व चाहे मेघालय में हो या संसद में उस स्तर पर नहीं है, जिस स्तर पर उसे होना चाहिए।”
श्री संगमा ने कहा, “हम इस फैसले से बहुत खुश हैं और जिस भी स्तर पर जो कुछ भी आवश्यक होगा, हम उसका समर्थन करेंगे।” मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मेघालय की बड़ी आबादी और भौगोलिक विस्तार के कारण वहां संसदीय सीटों की संख्या में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि केंद्र सरकार और परिसीमन समिति इस पहलू पर सकारात्मक रूप से विचार करेंगी। हमें उम्मीद है कि संसद में हमारा प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, लेकिन जैसा कि मैंने कहा कि हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा।”
