सतना: मैहर के अमरपाटन वार्ड नंबर 2 में एक निर्माणाधीन मकान में मंगलवार को मजदूर बैजनाथ लोनी की संदिग्ध मौत का मामला अगले दिन गर्मा गया। बुधवार को पोस्टमार्टम से पहले मृतक के शरीर पर काले निशान देखकर परिजनों ने हत्या या करंट लगने की आशंका जताई और अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।इस हंगामे के कारण करीब 22 घंटे बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हो पाई। देवरी जगदीशपुर निवासी बैजनाथ लोनी (50) मंगलवार दोपहर करीब 4 बजे सतना रोड स्थित एक नए मकान में पुताई का काम कर रहे थे। इसी दौरान वे संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। मकान मालिक रामकिशोर पटेल के अनुसार, बैजनाथ खाना खाने के बाद दीवार के सहारे बैठकर फोन पर बात कर रहे थे और अचानक अचेत हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
हत्या का आरोप
बुधवार सुबह जब शव का पोस्टमार्टम होना था, तब परिजनों ने बैजनाथ के शरीर पर संदिग्ध काले निशान देखे। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि बैजनाथ की मौत सामान्य नहीं है, बल्कि उन्हें बिजली का करंट लगा है या उनकी हत्या की गई है। आक्रोशित परिजनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को पोस्टमार्टम करने से रोका और एक ज्ञापन सौंपा।
22 घंटे बाद हुआ पीएम
करीब दो घंटे की समझाइश के बाद परिजन शांत हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों की एक विशेष टीम गठित की। इस टीम की निगरानी में वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने बताया कि परिजनों ने हत्या का संदेह जताते हुए ज्ञापन दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
