
देवास। कलेक्टोरेट में आदिवासी जमीन से जुड़े फर्जी आदेशों का मामला सामने आया है। चार कर्मचारियों पर दस्तावेजों में हेरफेर कर अवैध आदेश जारी करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
इस खुलासे के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
प्रारंभिक तफ्तीश में सामने आया है कि आरोपियों ने जमीन से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों और हस्ताक्षरों में हेरफेर कर नियमों के विपरीत आदेश जारी किए। इन आदेशों के जरिए कुछ लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाने की आशंका जताई जा रही है।
शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कराई। जांच के दौरान गड़बड़ियों की पुष्टि होने पर पुलिस में केस दर्ज कराया गया, जिसके बाद चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।
इस बीच जिला प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रक्रियाओं को और मजबूत किया जाएगा।
