अशोकनगर: जिला मुख्यालय के गौराघाट क्षेत्र में रह रहे लोगों के बीच उस समय असमंजस की स्थिति बन गई, जब उन्हें मकान तोड़ने के नोटिस मिलने लगे। एक ओर नोटिस जारी किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी वैधता और प्रमाणिकता पर सवाल उठ रहे हैं। वार्ड क्रमांक 2 के 58 रहवासियों को नोटिस मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।मामले की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक इंजी. हरिबाबू राय कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुशवाह, नपा नेता प्रतिपक्ष रीतेश जैन आजाद और पार्षद प्रत्याशी विशाल रघुवंशी भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने बस्ती का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि 17 मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए हैं, जिन्हें नगरपालिका द्वारा विधिवत स्वीकृति दी गई थी। इसके बावजूद इन्हें तोड़ने के नोटिस जारी किए जाना गंभीर चिंता का विषय है। वहीं, इस मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) का कोई स्पष्ट आदेश भी सामने नहीं आया है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें वर्ष 1984 में विधिवत पट्टे प्रदान किए गए थे। ऐसे में बिना ठोस आधार के कार्रवाई को अनुचित बताया जा रहा है। विधायक हरिबाबू राय ने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
