सीधी नगरपालिका में छिड़ा पावर गेम: वित्तीय प्रभार रोकने वालों के खिलाफ कोर्ट जाएंगी अध्यक्ष

सीधी। नगर पालिका परिषद सीधी अध्यक्ष श्रीमती काजल वर्मा ने वित्तीय शक्तियों में रोंक पर रिपिटीशन दायर करेंगी। नगर पालिका अध्यक्ष ने याचिकाकर्ता पर गंभीर आरोप लगाये हैं।

नगर पालिका सीधी अध्यक्ष श्रीमती काजल वर्मा द्वारा बताया गया कि बृजेश सिंह गोरे ने गलत तरीके से हाईकोर्ट में पिटीशन दायर किए थे। जबकि वह अस्थाई कर्मचारी हैं, इसके खिलाफ अब हाईकोर्ट में रिपिटीशन की अर्जी लग गई है। जिस मामले में स्थगन हाईकोर्ट में लगाया था वह जल्द ही समाप्त हो जाएगा। वहीं नगर पालिका में उपाध्यक्ष सहित कुछ लोगों को लेकर भी बड़ी बात अध्यक्ष द्वारा कही गई है। इस संंबंध में जानकारी देते हुए जिला न्यायालय के वरिष्ट अधिवक्ता विनोद वर्मा ने बताया कि अध्यक्ष और पार्षदों के निर्वाचन की सूचना वार्डों से अध्यक्ष और पार्षदों का प्रत्येक निर्वाचन राज्य आयोग द्वारा राज्य पत्र में अधिसूचित किया जाता है। जिसके लिए राजपत्र दिनांक 19 जुलाई 2022 अधि. क्र. 90 एफ-34/2022- 18-3 द्वारा मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 43 तथा धारा 55 के साथ पठित धारा 355 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश नगर पालिका अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष का निर्वाचन नियम 2019 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए कई अधिकार दिए हैं। इस मामले को लेकर आज नगर पालिका में पत्रकार वार्ता की गई। जिसमें वरिष्ट अधिवक्ता विनोद वर्मा एवं नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा अपनी जानकारी देते हुए बताया गया कि अब पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट में रिपिटीशन दायर किया जाएगा, जो कि वित्तीय प्रभार को लेकर गलत शिकायत करने वालों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

इस मामले में अध्यक्ष एवं वरिष्ट अधिवक्ता द्वारा कई आरोप भी अस्थाई कर्मचारी बृजेश सिंह गोरे सहित उपाध्यक्ष को लेकर लगाए हैं। उनके द्वारा यह भी कहा गया कि उनके पुत्र ने आत्महत्या किया जिसकी रिपोर्ट भी जमोड़ी थाने में दर्ज थी लेकिन उन्होने गलत तरीके से यह दिखाकर कि आकस्मिक मौत हुई। जिस वजह से 2 लाख रुपए भी लिए हैं। इसके अलावा भी कई आरोप लगाए गए हैं। पूरे मामले में क्या सच्चाई है हम नहीं बता सकते लेकिन अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के बीच बना विवाद अब और तूल पकडऩे लगा है।

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विवादों का पर्याय बनी नगर पालिका परिषद सीधी

नगर पालिका सीधी लम्बे अर्से से विवाद का पर्याय बनी हुई है। काफी समय तक यहां उपाध्यक्ष के चेम्बर को लेकर विवाद बना रहा। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा, बाद में किसी तरह चेम्बर विवाद सुलझा तो कर्मचारियों को लेकर विवाद शुरू हो गया। अब नपा के अस्थाई कर्मचारी द्वारा याचिका लगाने के बाद अध्यक्ष की वित्तीय शक्तियों पर रोक लगने से विवाद खड़ा हो गया।

हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी सभी की निगाहें

नगर पालिका परिषद सीधी की अध्यक्ष श्रीमती काजल वर्मा के वित्तीय शक्तियों पर हाईकोर्ट से रोक लगने के बाद अध्यक्ष द्वारा रिपिटीशन दायर किया जा रहा है। अध्यक्ष के रिपिटीशन पर हाईकोर्ट से क्या अंतिम फैसला आता, इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। हाईकोर्ट का अंतिम फैसला कब तक आयेगा इस पर भी निगाहें रहेंगी।

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