जबलपुर: एलायंस एयर द्वारा जबलपुर से अपनी उड़ान सेवाओं को बंद किया जाना पूरे महाकौशल क्षेत्र के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है। इस निर्णय से न केवल यात्रियों को असुविधा हो रही है, बल्कि व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों को भी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वायुसेवा संघर्ष समिति के संयोजक हिमांशु खरे ने बताया कि जबलपुर मध्य प्रदेश का एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक, न्यायिक, शैक्षणिक और व्यापारिक केंद्र है। यह शहर कान्हा, बांधवगढ़ जैसे राष्ट्रीय उद्यानों व भेड़ाघाट जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का प्रवेश द्वार भी है। ऐसे में यहां से हवाई सेवाओं का बंद होना क्षेत्र के समग्र विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।
उल्लेखनीय है कि एलायंस एयर ने छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से कोलकाता, दिल्ली तथा बिलासपुर के लिए उड़ान सेवाएं प्रारंभ की हैं, जहां अपेक्षाकृत कम यात्री यातायात देखने को मिल रहा है। इसके विपरीत, जबलपुर से पूर्व में संचालित उड़ानों में दिल्ली और जगदलपुर मार्गों पर अच्छा यात्री भार (लोड फैक्टर) रहा है, जो इस रूट की व्यवहार्यता को दर्शाता है। वायुसेवा संघर्ष समिति के मनु शरत तिवारी, हिमांशु राय, बलदीप मैनी, सुनील श्रीवास्तव ने इस परिप्रेक्ष्य में एलायंस एयर प्रबंधन से मांगें की गई हैं जबलपुर से उड़ान सेवाओं को शीघ्र पुन: प्रारंभ किया जाए। जबलपुर से प्रमुख महानगरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू की जाएं, जिनमें विशेष रूप से पुणे, कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद, चेन्नई, शामिल हैं।
जबलपुर-जगदलपुर उड़ान सेवा को पुन: शुरू किया जाए, जो क्षेत्रीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। समिति की गीता शरत तिवारी, जितेंद्र पचौरी, प्रीति चौधरी ने यह मांग की है कि जबलपुर जैसे उभरते हुए शहर की उपेक्षा न करते हुए एलायंस एयर यात्री सुविधा और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखकर सकारात्मक निर्णय ले। हिमांशु खरे ने एलायंस एयर की आगामी बोर्ड मीटिंग से पूर्व कंपनी के शीर्ष मैनेजमेंट को इस संबंध में पत्र भेजा है। समिति ने आशा व्यक्त की है कि एलायंस एयर शीघ्र ही इस विषय पर पुनर्विचार कर जबलपुर से अपनी सेवाएं बहाल करेगा, जिससे क्षेत्र को पुन: बेहतर हवाई संपर्क मिल सके।
