चंडीगढ़ | पंजाब विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत कर सबको चौंका दिया है। सोमवार देर रात अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने ‘भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी’ (BRP) के गठन की घोषणा की। डॉ. सिद्धू ने इसे एक ‘बहुप्रतीक्षित घोषणा’ बताते हुए कहा कि यह पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर एक नया विकल्प पेश करेगी। दिलचस्प बात यह रही कि इस महत्वपूर्ण घोषणा के समय उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू उनके साथ नजर नहीं आए, जिससे राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया है।
पिछले साल कांग्रेस पार्टी द्वारा निष्कासित किए जाने के बाद डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की चर्चाएं जोरों पर थीं, विशेषकर तब जब उन्होंने मोदी सरकार की नीतियों की सराहना शुरू की थी। कांग्रेस छोड़ने से पहले उन्होंने तत्कालीन नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए पंजाब की राजनीति में भूचाल ला दिया था। हालांकि, किसी अन्य स्थापित दल में जाने के बजाय उन्होंने खुद का संगठन खड़ा करने का रास्ता चुना है। अपनी पोस्ट में उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा राजनीतिक नेताओं के प्रदर्शन का गहराई से मूल्यांकन करने के बाद ही उन्होंने देश और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए यह कदम उठाया है।
अपनी नई पार्टी के विजन को स्पष्ट करते हुए डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि उनका लक्ष्य पंजाब को उसका खोया हुआ गौरव वापस दिलाना और इसे फिर से ‘सुनहरा राज्य’ बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ‘लोगों की, लोगों के लिए और लोगों द्वारा’ संचालित होगी, जो सत्य, न्याय और निस्वार्थ सेवा के सिद्धांतों पर आधारित होगी। उन्होंने समान विचारधारा वाले लोगों से एकजुट होने की अपील करते हुए आध्यात्मिक मूल्यों के साथ समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया है। अब देखना यह होगा कि सिद्धू परिवार की यह नई राजनीतिक दिशा पंजाब के आगामी चुनावी समीकरणों को किस तरह प्रभावित करती है।

