
जबलपुर। घमापुर थाना अंतर्गत कांचघर में 31 मार्च को हुए गोली कांड में फरार गैंगस्टर को घमापुर पुलिस ने नागपुर से दबोचा। शहर लाने के बाद सोमवार को पुलिस उसे उन गलियों में ले गई जहां उसने दशतगर्दी फैलाई थी। पुलिस की मंशा अपराधी के मन में कानून का डर पैदा करनेे और मोहल्ले में उसका डर खत्म करने की थी। पुलिस ने सोचा था कि सिंघम वाला सीन क्रिएट करेंगे, लेकिन बीच सडक़ पर पूरी स्क्रिप्ट ही बदल गई। सडक़ किनारे खड़ी जनता पुलिस की सिंघम गिरी देखने आई थी, लेकिन उन्हें बदमाश की पुष्पा वाली अकड़ देखनी पड़ गई। हालांकि पुलिस का इरादा नेक था, सोचा था बदमाश से बीच सडक़ पर कान पकड़वाकर तौबा-तौबा करवाएंगे और जनता तालियां बजाएगी। लेकिन जैसे ही पुलिसकर्मी ने उसे झुकने और अपराध न करने कसम खाने का इशारा किया, कान पकडक़र चलने कहा तो बदमाश ने अपनी अकड़ दिखाई और पुलिस कर्मियो का सरेराह हाथ झटक दिया और कान पकडऩे से मना कर पुलिस को चुनौती देता नजर आया। इस दौरान उसके चेहरे पर पछतावे की एक शिकन तक नहीं दिखी। बदमाश की यह अकड़ चर्चा का विषय बन गई। बाद में पुलिस ने उसकी सारी हेकड़ी निकाली और पैदल घुमाकर उसका जुलूस निकाला। इसके बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। एनएसए में आरोपित बाबू सिंधी को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
24 की उम्र मेें 22 जुर्म किए-
बाबू सिंधी कुख्यात बदमाश है जो 24 की उम्र में 22 जुर्म कर चुका है। हत्या के प्रयास, रंगदारी समेत अन्य मामले उसके खिलाफ पूर्व से दर्ज है । जिसका आपराधिक रिकॉर्ड देखते हुए उस पर रासुका लगाने पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने प्रतिवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया था । इसके बाद कलेक्टर ने उसके खिलाफ एनएसए वारंट भी जारी किया था।
गोलीकांड के बाद हुआ था फरार-
विदित हो कि चांदमारी निवासी यश थोराट 31 मार्च रात करीब 9:15 बजे साथी बिन्नू उर्फ निखिल श्रीवास और चीकू उर्फ सौम्य सिंह के साथ मयूर कला मंदिर के पास खड़ा था तभी एक्सिस स्कूटी पर बाबू उर्फ कृष्णा हासवानी और निखिल उर्फ कंजा सिंधी पहुंचे। यश को देखते ही पुरानी रंजिश के चलते बाबू ने पिस्टल से फायर किया था। वहीं दूसरे पक्ष से लकी यादव निवासी उडिय़ा मोहल्ला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि निखिल कंजा और बाबू सिंधी वहां पहुंचे और आपस में बातचीत करने लगे। यश थोराट आया और बाबू सिंधी के साथ विवाद करने लगा था। यश थोराट न पिस्टल निकालकर फायर कर दिया था। गोली निखिल कंजा को लगी थी । मामले में काउंटर केस दर्ज हुआ था। इसके बाद से बाबू सिंधी समेत अन्य फरार हो गए। बाबू को पुलिस ने नागपुर से गिरफ्तार किया।
