पेरिस, 05 अप्रैल (वार्ता) फ्रांस ने अपने नागरिक चान थाओ फूमी (62) को चीन के कैंटन में मृत्युदंड दिए जाने पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है।
फ्रांस के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि 2010 में मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में दोषी ठहराए गए श्री चान को दो दशकों से अधिक समय तक कारावास में रखने के बाद मृत्युदंड दिया गया, जबकि फ्रांस की ओर से दया याचिका सहित मानवीय आधार पर राहत दिलाने के प्रयास किए गए थे। उल्लेखनीय है कि श्री चान की उम्र 62 वर्ष थी। मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि यह सज़ा कब दी गयी। एक चीनी अदालत ने 2010 में उन्हें मौत की सज़ा सुनायी थी।
फ्रांस ने विशेष रूप से इस बात पर आपत्ति जतायी कि अंतिम सुनवाई के दौरान श्री चान के वकीलों को अदालत में उपस्थित होने की अनुमति नहीं दी गयी, जिसे उसने उनके अधिकारों का उल्लंघन बताया। फ्रांस ने मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस दुख की घड़ी में उनके साथ है।
फ्रांस ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह हर परिस्थिति में मृत्युदंड का विरोध करता है और इसके वैश्विक उन्मूलन की अपील करता है। फ्रांस ने 1981 में संसद के एक अधिनियम द्वारा मृत्युदंड को समाप्त कर दिया था। अब वह इसके उपयोग के विरुद्ध तथा हर जगह इसे समाप्त करने के लिए एक ज़ोरदार अभियानकर्ता बन गया है।

