
जावरा। एमआर ट्रेवल्स की स्लीपर बस जोधपुर से इंदौर के लिए रवाना हुई। शनिवार सुबह करीबन 5.35 बजे कालूखेडा फंटा पर आगे चल रहे ट्राले के गति अवरोधक पर ब्रेक लगाए जाने से बस चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं कर पाया। जिसके चलते बस परिचालक साइड से ट्राले में घुस गई। बस और ट्राले की टक्कर से यात्रियों में चीख पुकार मच गई। टोल टैक्स की टीम जो सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को बस के पीछे इमरजेंसी गेट से स्थानीय नागरिकों की मदद से बाहर निकाला।
मनीष परिहार, नंदकिशोर परमार, भेरू डागर एम्बुलेंस टीम, गोपाल मकवाना ड्राइवर,नरेंद्र माईडा हेल्पर, अनिल कुमावत, विजय माली आदी का सहयोग रहा। जिन्हें टोल टैक्स की एम्बुलेंस से जावरा के शासकीय अस्पताल इलाज हेतु भेजा गया। ट्राला चालक मनोहर पांचाल ने बताया कि वह ट्राले में सीमेंट भरकर निम्बाहेडा से मेघनगर जा रहा था। ढोढर में स्पीड ब्रेकर पर उसने जैसे ही वाहन की गति धीमी करने के लिए ब्रेक लगाए तो जोरदार आवाज सुनाई दी। देखा तो बस ट्राले के पिछले हिस्से में जमकर भीड चुकी थी। दुर्घटना में बस का अगला भाग ट्राला में फंस चुका था। जिसे टोल नाका की क्रेन से खींचकर हटाया गया।
बस चालक की लापरवाही से हुआ हादसा
एक निजी यात्री बस अपने आगे चल रहे सीमेंट से लदे ट्राले से जा टकराई। इस दुर्घटना में बस में सवार आधा दर्जन यात्री घायल हो गए। जिन्हें उपचार हेतु जावरा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। जहां मामूली चोंट लगने पर प्राथमिक उपचार के बाद तीन यात्रियों को छुट्टी दे दी गई। जबकि भंवरदास पिता देवराम उम्र 40 साल निवासी ग्राम डांडिया जोधपुर, मतल खान पिता गुलशेख उम्र 32 साल और असगर खान पिता दरिया खान उम्र 25 साल निवासी दोनों जैसलमेर को अस्पताल में भर्ती किया गया। बस में सवार मुसाफिरों के अनुसार हादसा बस चालक की लापरवाही के कारण हुआ।
