
खरगोन। जिले में दहशत फैलाकर अपना वर्चस्व जमाने का प्रयास कर रहे कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 12 गुुर्गे पुलिस के हत्थे चढ़े है। इन आरोपियों में पिछले माह भीलगांव के एक प्रतिष्ठित कारोबारी दिलीप राठौर के घर फायरिंग कर दहशत फैलाई थी। इस हमले के बाद सोशल मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी लेते हुए 10 करोड़ रुपए की फिरौती की मांग भी की थी। इस गैंग के जिले में पैर पसारने से पहले गिरफ्तारी से पुलिस के साथ ही बड़े कारोबारी भी राहत महसूस कर रहे है। उल्लेखनीय है कि कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे के उज्जैन पुलिस को आत्म समर्पण किया था। इसके बाद जिले के भीलगांव में कारोबारी के घर की गई फायरिंग की गुत्थी भी सुलझ गई है।
शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए एसपी रविंद्र वर्मा ने बताया कि प्रकरण में शूटर, रेकी करने वाले, गोली चलवाने वाले, संसाधन उपलब्ध/ सहायता करने वाले, बिश्नोई गैंग के गुर्गे व उससे पहचान करवाने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 3 कार व 1 मोटर साइकल, 4 पिस्टल 10 कारतूस व 10 मोबाईल फोन जब्त किए है।
एसपी ने बताया 17 मार्च को सत्येंद्र राठौड़ निवासी भीलगांव ने थाना कसरावद पर सूचना दी थी कि, उनके व उनके पिताजी दिलीप राठौड़ के व्हाट्सएप पर इंटरनेशनल मोबाइल नंबर से वाईस काल आया, जिसमें खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हैरी बाक्सर बताते हुए 10 करोड़ रुपए की मांग की। फायरिंग का विडियो भेजा है। उसने धमकी दी थी कि पैसा नहीं दिया तो अगली बार हाथगोला तुम्हारे घर पर फेंकेंगे।
रुपयों के लेन-देन का हुआ था विवाद
एसपी ने बताया 15 दिनों के अथक प्रयासों के चलते मुखबिर सूचनाए तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीव्ही फुटेज, देवास पुलिस एवं अन्य यूनिट की सहायता से उक्त घटना में शामिल कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। प्रकरण में आरोपी सचिन पाटीदार ग्राम करोली मनावर व लोकेन्द्र पंवार उज्जैन फरियादी दिलीप राठौर को पूर्व से जानते थे एवं उनके बीच रुपयों के लेन देन को लेकर विवाद हुआ था।
संदीप ने लॉरेंस गैंग से कराया संपर्क
लोकेन्द्र पंवार ने यह बात अपने परिचित संदीप प्रजापति निवासी ग्राम बिछडोद थाना घटिया जिला उज्जैन को बताई, इसके बाद संदीप प्रजापति ने लोकेन्द्र की लॉरेंस बिश्नोई गैंग के राजपाल सिंह से संपर्क कराया। 26 फरवरी को लोकेन्द्र ने संदीप प्रजापति के कहे अनुसार उज्जैन से अमित बडगोत्या को लेकर दिलीप दरबार का घर बताने ग्राम भीलगांव भेजा।
पहले दो प्रयास में रहे नाकाम
2 मार्च राजपाल के द्वारा भेजे गए लड़कों को खलघाट में से अपने परिचित की बाईक दिलवाता है, परंतु किसी कारणवश फायर नहीं हो पता है। इसके बाद 10 मार्च को सचिन पाटीदार को फिर 4 नकाबपोश लोग खलघाट में मिले, सचिन ने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से उनको दिलीप का घर दिखाया था। 11 मार्च को शूटर शिवा, कृष्णपाल व अंशु ने रात्री में दिलीप के घर पर फायरिंग करने का प्रयास किंतु पिस्टल नहीं चली।
तीसरे प्रयास में फायरिंग कर बनाया था वीडियो
16 मार्च को मलखान ने अपनी पल्सर मोटर साइकल व एक पिस्टल तथा कारतुस देकर अंशपाल, शिवा और रोहित को भेजा था। रितिक, कृष्णपाल उर्फ केन्या डस्टर कार से पीछे पीछे आये थे, बाद में घर पर गोली चलाई व वीडियो बनाकर वापस चले गए। मलखान ने बनाए विडियो को लॉरेंस गैंग राजपाल को भेजा। जिसके बाद 17 मार्च को फरियादी दिलीप राठौर को विदेशी नंबर से विडियो भेज कर हैरी बाक्सर के द्वारा 10 करोड़ रुपयों की फिरौती मांगी गई ।
इन्हें किया गिरफ्तार
लोकेन्द्र पिता हरिसिंह पंवार निवासी ग्राम घुडावन थाना इंगोरिया जिला उज्जैन, सचिन पिता हीरालाल पाटीदार निवासी ग्राम करोली मनावर, अमित कुमार पिता हुकुमचन्द बडगोत्या किशनपुरा मक्सी रोड उज्जैन, मलखान उर्फ विजेन्द्र पिता मोहन सिसोदिया निवासी ग्राम सिया, थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास, शाहरूख पिता नवाब खान निवासी ग्राम सिंदनी थाना टोंकखुर्द जिला देवास, कृष्णपाल उर्फ केन्या पिता अनोखीलाल सोलंकी ग्राम सिया थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास, अंश उर्फ अंशु पिता कैलाश पाल निवासी ग्राम सिया थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास, शिवा पिता राकेश बिलगडे सिया, थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास, ऋतिक उर्फ जंजीरा पिता जितेन्र्द सिंह पंवार निवासी ग्राम सिया, थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास, रोहित पिता जयराम मालवीया छोटा मालसा पुरा थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास और राजा पिता साकिर खान उम्र 30 साल निवासी हाल पुरा स्थाई सिंदनी जिला देवास, केस खान पिता जाकिर खान मुसलमान निवासी ग्राम बालसमुद थाना कसरावद और गैंग सदस्य राजपाल पिता ईश्वर सिंह चन्द्रावत निवासी ग्राम रत्नाखेड़ी थाना नागदा मंडी जिला उज्जैन गिरफ्तार किए गए है। राजपाल से पूर्व में एनआईए भी पूछताछ कर चुकी है। जबकि जावेद पिता जाकिर खान निवासी ग्राम अमरपुरा थाना बैंक प्रेस नोट जिला देवास और रवि पिता विक्रम चौहान जाती मोंगिया निवासी ग्राम कसारी चौहान थाना ताल जिला रतलाम फरार है।
गैंग सदस्यों को शूटर्स से मिलवाने फरार
राहुल बाबा बिंझाना देवास, कुलदीप पिता मेहरबान सिंग राजपूत निवासी ग्राम कसारी चौहान थाना ताल जिला रतलाम, संदीप पिता हुकूमचंद प्रजापति निवासी ग्राम बिछडोद थाना घटिया जिला उज्जैन और हरिचंद जाट उर्फ हैरी बाक्सर फरार है।
