जबलपुर: शहर में पिछले कई महीनों से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और अब स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि आमजन को गंदगी के बीच जीवन यापन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि प्रमुख धार्मिक अवसरों पर भी नगर निगम अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में विफल साबित हो रहा है। हनुमान जयंती जैसे पावन पर्व पर जब पूरे शहर में विशेष साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की आवश्यकता होती है, उस समय भी नगर निगम की लापरवाही चरम पर देखने को मिल रही है। रात में शहर के विभिन्न वार्डों में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था पूरी तरह नदारद है।
कांग्रेस पार्षद दल के सचेतक अयोध्या तिवारी ने इस गंभीर स्थिति पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि नगर निगम की यह विफलता सीधे तौर पर महापौर और कमिश्नर की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां एक ओर शहर गंदगी से जूझ रहा है वहीं दूसरी ओर महापौर-कमिश्नर केवल फोटोशूट और दिखावटी निरीक्षणों में व्यस्त हैं। कांग्रेस पार्षद दल ने गुरूवार को नगर निगम कमिश्नर जबलपुर से मुलाकात कर इस मुद्दे पर दो टूक चर्चा की और स्पष्ट रूप से उन्हें वर्तमान हालात के लिए जिम्मेदार ठहराया। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष ने भी खड़े किए सवाल
वहीं नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने भी सवाल खड़ा करते हुए कहा कि जब पूरे शहर में गंदगी का अंबार लगा है तो आखिर नगर निगम का नियंत्रण तंत्र कहां है और जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे हैं? निगमायुक्त से चर्चा के दौरान पार्षद संतोष दुबे, अदिति अतुल बाजपेयी, सत्येन्द्र चौबे गुड्डा, हर्षित यादव, अख़्तर अंसारी, कलीम खान, राकेश पांडे, प्रमोद पटेल, प्रीति अमर रजक, तुलसा लखन प्रजापति, गुड्डू तामसेतवार उपस्थित रहे।
