
सीहोर। जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति एक बार फिर कटघरे में खड़ी नजर आई, जब एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण एक गर्भवती महिला को बाइक पर अस्पताल ले जाया जा रहा था और रास्ते में ही उसका प्रसव हो गया. यह घटना सोमवार को सामने आई, जिसने 108 एंबुलेंस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जानकारी के अनुसार, ग्राम बिजलौन निवासी रफीक की 40 वर्षीय पत्नी रेश्मा को सोमवार को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई. परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा को कॉल किया, लेकिन काफी देर तक प्रयास करने के बावजूद नंबर लगातार व्यस्त आता रहा. महिला की हालत बिगड़ती देख पति ने इंतजार करना उचित नहीं समझा और उसे बाइक पर बैठाकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हो गया.
बताया जाता है कि दूसरी बाइक पर महिला की सास और छोटा भाई भी साथ चल रहे थे. जब वे ब्रह्मपुरी कॉलोनी के पास पहुंचे, तभी महिला को तेज प्रसव पीड़ा हुई. ऐसे में पति ने सड़क किनारे बाइक रोकी, जहां कुछ ही देर में महिला का प्रसव हो गया. सास ने सूझबूझ दिखाते हुए जच्चा-बच्चा को संभाला. रफीक ने वहां से गुजर रही डायल 112 पुलिस वाहन को रोका और पूरी स्थिति बताई. पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद जच्चा और नवजात को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आठवीं संतान, परिवार नियोजन पर सवाल
रफीक ने बताया कि उसकी पहले से छह पुत्रियां और एक पुत्र है। सोमवार को जन्मी बच्ची उसकी आठवीं संतान है। इस घटना ने न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता की कमी को भी उजागर किया है.
