
ब्यावरा। गांव-गांव, घर-घर नलजल योजना के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के दावे के साथ शासन द्वारा परियोजनाएं संचालित की गई किंतु गर्मी में पानी का टोटा इन परियोजना पर पलीता फेर रहा है.
सुठालिया क्षेत्र की पहाडग़ढ़ परियोजना के तहत आने वाले 77 गांवों में पेयजल सप्लाई के लिए जो पानी बचा है उससे आठ से दस दिन और सप्लाई हो सकेगी. इसके बाद पेयजल सप्लाई ठप्प होने की नौबत आ बनेगी. इस बार फिर भी पूरे मार्च माह तक सप्लाई हो सकेगी जबकि गत वर्ष तो पानी के अभाव के कारण 17 मार्च से पेयजल सप्लाई बंद करना पड़ी थी. परियोजना प्रबंधन के अनुसार जिस जगह पारसाना पार्वती नदी से पेयजल सप्लाई की जाती थी वहां जो पानी शेष बचा है उससे आठ से दस दिन और पेयजल सप्लाई की जा सकेगी. इसके बाद मजबूरन पेयजल सप्लाई बंद करना पड़ेगी.
रिकार्ड बारिश के बाद भी परेशानी से सामना
बीते वर्षाकाल में रिकार्ड बारिश के बावजूद सुठालिया क्षेत्र में 77 गांवों को नलजल योजना के द्वारा पानी देने वाले पारसाना स्थित पार्वती नदी स्थल पर अब आठ से दस दिन का ही पानी शेष होना बताया जा रहा है.
जबकि इस बार रिकार्ड बारिश हुई थी किंतु जहां से पेयजल सप्लाई की जाती है वहां पर्याप्त जल संग्रहण की व्यवस्था नहीं होने के कारण गर्मी के दिनों में ऐसे हालात निर्मित हो जाते है. इस तरह आठ से दस दिनों के बाद आखिरकार 77 गांवों की नलजल योजना को बंद करना पड़ेगा.
पानी रहने पर सुचारु होती पेयजल सप्लाई
जानकारी के अनुसार ब्यावरा विकासखण्ड के तहत जल जीवन मिशन द्वारा सुठालिया क्षेत्र के 77 गांवों में पारसाना स्थित पार्वती नदी से नलजल योजना के तहत गांव-गांव पानी पहुंचाया जाता है. वर्तमान में एक दिन छोडक़र पानी सप्लाई की जाती है. ग्राम गांगाहोनी, चाचाखेड़ी, महाराजखेड़ा, सेमलापार, टोड़ी, गिंदौरहाट,नरी, बिसौनिया, मऊ, मोठबडली, नापानेरा, अमरगढ़ खंडिया सहित दर्जर्नो गांवों में पेयजल सप्लाई की जाती है किंतु आने वाले दिनों में पानी नहीं होने से पानी सप्लाई पर विराम लगने की नौबत आ जाएगी.
जब पानी की जरुरत तभी संकट
गत वर्ष भी मार्च माह के दूसरे पखवाड़े से पेयजल सप्लाई ठप्प हो गई थी. गर्मी के दिनों में जब अधिक पानी की आवश्यकता होती हैे, ऐसे समय पानी खत्म होने के कारण कितनी परेशानी का सामना करना पड़ता है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है.
सप्लाई अधिक, पानी नहीं पर्याप्त
जानकारी के अनुसार पहाडग़ढ़ परियोजना वर्ष 2022 के जुलाई माह में शुरु हुई थी. जिसमें पारसाना स्थित पार्वती नदी में जमा पानी से पेयजल सप्लाई की जाने लगी. किंतु इतने अधिक गांवो में पानी सप्लाई के लिए यहां पर्याप्त पानी नहीं रह पाता है. पानी के स्टॉक का उचित प्रबंध नहीं होने से गर्मी के दिनों में सप्लाई व्यवस्था गड़बड़ा जाती है.
कुछ दिनों का पानी शेष
इस संबंध में जल जीवन मिशन प्रबंधन का कहना है कि पहाडग़ढ़ परियोजना के तहत पार्वती नदी के जिस स्थल से पानी की सप्लाई की जाती है वहां आठ से दस दिन का ही पानी रह गया है, इसके बाद मजबूरन सप्लाई व्यवस्था बाधित होगी.
