जबलपुर: मदनमहल थाना अंतर्गत राइट टाउन में रहने वाली एक 81 वर्षीय महिला डॉक्टर की प्रॉपर्टी विवाद के बाद हुई मौत के बाद उनके मोबाइल नंबर से आईएमए अध्यक्ष को आपत्तिजनक, अपशब्दों भरे मैसेज भेजने के मामले में पुलिस ने दिवंगत डॉक्टर की बहन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।विदित हो कि प्रेम मंदिर के पास राइट टाउन में रहने वाली बुजुर्ग महिला डॉ हेमलता श्रीवास्तव के पति महेश श्रीवास्तव और बेटे की मौत हो गई थी। इसके बाद से उनकी तबियत बिगड़ गई थी।
करोड़ों की प्रॉपर्टी पर दान व वसीयत में दिए जाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। डॉ.हेमलता श्रीवास्तव को 7 जनवरी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 15 फरवरी को डॉक्टर हेमलता की मौत हो गई थी। लंबी जांच पड़ताल मदन महल पुलिस ने कलेक्टर के आदेश और एसडीएम के प्रतिवेदन के आधार पर डॉ सुमित जैन और प्राची जैन के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया था। जिन्होंने षड्यंत्र रच अस्पताल के नाम पर जमीन हड़पी थी।
बल्कि विश्वासघत कर अपने पक्ष मेें बहुमूल्य भूमि दान कराई थी।इसके बाद से इंडियन मेडीकल एसोसिएसन जबलपुर अध्यक्ष डाँ ऋषा शर्मा के मोबाइल पर मृत डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव के मोबाइल नंबर से धममियां मिल रही थी। आपत्तिजनक मैसेज भेजे जा रहे थे। मामले की शिकायत उन्होंने साइबर क्राइम में की थी । लेकिन लगातार मैसेज किए जा रहे थे । डाँ ऋषा शर्मा के मोबाइल पर स्व. हेमलता श्रीवास्तव के मोबाइल से 21 मार्च 2026 की सुबह स आ रहे थे । इसके बाद रविवार 22 मार्च को सुबह 6:8 बजे दूसरा संदेश आया। 24 मार्च को शाम 5:26 बजे तीसरा संदेश आया, जिसमें कड़वाहट और बढ़ गई थी।
25 मार्च 2026 को सुबह 8:01 बजे नवीनतम संदेश आया। 21 मार्च 2026 को ऑनलाइन 1930 पर शिकायत की गई लेकिन संदेश आना जारी रहे। जिससे डॉक्टर डाँ ऋषा शर्मा स्वयं को असुरक्षित, अपमानित महसूस करने लगी और उन्होंने मामले की एफआईआर थान में दर्ज कराई। उन्होंने शिकायत में यह भी बताया कि स्व. डॉ. हेमलता श्रीवास्तव का मोबाइल 27 जनवरी को एन.एस.सी.बी. एम.सी.एच. में भर्ती होने से लेकर 15 फरवरी 2026 को उनकी मौत तक उनके पास नहीं था। डॉ कनकलता मिश्रा ने अपनी व्हाट्सएप बातचीत में खुद को उस मोबाइल की मालिक बताया है। मामले में पुलिस ने कनकलता मिश्रा के खिलाफ पर प्रकरण दर्ज कर लिया है।
