
सारनी।ग्राम पंचायत सलैया में जनसुविधाओं की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है।बस स्टॉप पर लगभग ढाई लाख रुपये की लागत से निर्मित सार्वजनिक शौचालय आज भी उपयोग के बजाय उपेक्षा का शिकार बना हुआ है।साफ-सफाई के अभाव और नियमित रूप से ताला लगे रहने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें सबसे अधिक दिक्कत महिला यात्रियों को झेलनी पड़ रही है।स्थिति और भी चिंताजनक इसलिए हो गई है क्योंकि 30 मार्च से 7 अप्रैल तक बस स्टॉप के समीप स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में नवदिवसीय श्री राम महायज्ञ एवं संगीतमय श्री राम कथा का भव्य आयोजन प्रस्तावित है। ऐसे धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, लेकिन मूलभूत सुविधा का अभाव व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है।आयोजक समिति के पदाधिकारियों द्वारा ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव को कई बार शौचालय की सफाई और उसे नियमित रूप से खोले जाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।आरोप है कि पंचायत सचिव की उदासीनता और कथित हठधर्मिता के चलते यह जनसुविधा केवल कागजों तक सीमित रह गई है।वहीं आयोजक समिति के अनुसार सरपंच द्वारा यह तर्क दिया गया कि चुनाव में अपेक्षित सहयोग न मिलने के कारण वे इस सार्वजनिक आयोजन में रुचि नहीं ले रहे हैं। यदि यह आरोप सही है, तो यह न केवल जनप्रतिनिधित्व की भावना के विपरीत है,बल्कि सार्वजनिक हितों की भी अनदेखी है।अब सवाल यह उठता है कि जब शौचालय का निर्माण सार्वजनिक धन से हुआ है,तो उसका लाभ आम जनता को क्यों नहीं मिल पा रहा क्या व्यक्तिगत नाराजगी और राजनीतिक कटुता के चलते जनहित की सुविधाओं को नजरअंदाज करना उचित है।ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस सार्वजनिक शौचालय को चालू कराया जाए,ताकि आगामी धार्मिक आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो सके।
