जबलपुर: कठौंदा प्लांट होने के बावजूद बीच शहर में कचरा डंप किया जा रहा हो तो इसे जिम्मेदारों की भर्राशाही ही कहेंगे। नियमों की माने तो बीच शहर में कचरा डंप करना बेहद गलत है और इसका खामियाजा संक्रामक बीमारियों के रूप में उन लोगों को भुगतना पड़ सकता है जिनके घरों के पास ये कचरा डंप किया जा रहा हो। शास्त्री ब्रिज के नीचे एक मैदान में एक बार फिर से सोमवार को सोशल मीडिया में एक तस्वीर वायरल हुई जिसमें वहां मौजूद कचरे के ढेर में आग लगी हुई दिखी।
वायरल तस्वीर को लेकर एक बार फिर से सवाल खड़े हुए कि क्या नगर निगम के जिम्मेदार यहंा कचरे के ढेर में एक बड़ा अग्रिकांड चाह रहे हैं। जागरूक लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि शास्त्री ब्रिज के नीचे अघोषित कचरे के डंपिंग स्टेशन में कचरा न फेंका जाए और जितना कचरा अभी वहां मौजूद है उसे तत्परता दिखाकर जल्द हटाया जाए। बताया जा रहा है पिछले एक दो साल से शास्त्री ब्रिज के नीचे कचरा डंप किया जा रहा है।
कुछ इस तरह लगती है आग
प्रत्यक्षदर्शियों ने नवभारत को बताया कि कचरा बीनने वाले शास्त्री ब्रिज के नीचे जमा कचरे के ढेर के पास आते हैं और अपने काम का कचरा बीनकर ले जाते हैं। इसी बीच वे मैदान में बीड़ी भी पीते हैं और जलती हुई बीड़ी मैदान में ही फेंककर चले जाते हैं। फिर कुछ देर बाद इसी बीड़ी की चिंगारी से कचरे के ढेर में आग लग जाती है।
क्या कहते हें जिम्मेदार…
इस संबंध में स्वच्छता अधिकारी अंकिता बर्मन ने कहा है कि जल्द ही शास्त्री ब्रिज के नीचे के हालात ठीक हो जाएंगे। लेकिन धरातल में ये हालात कब ठीक होंगे ये कोई नहीं बता पा रहा है
