नयी दिल्ली, 23 मार्च (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 6.85 करोड़ रुपये के ईआरडीसी ट्रस्ट धोखाधड़ी मामले में आरोपपत्र दायर किया है।
यह जानकारी ईडी के अहमदाबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने सोमवार को दी।
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि यह मामला तेहमुल सेठना से जुड़ा है, जो एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उन पर आरोप है कि उन्होंने “पर्यावरण अनुसंधान एवं विकास केंद्र (ईआरडीसी)” नामक ट्रस्ट के साथ धोखाधड़ी की। ईडी ने गुजरात पुलिस द्वारा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के विभिन्न प्रावधानों के तहत दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) जांच शुरू की। इस प्राथमिकी में पीएमएलए के तहत आने वाले अपराध शामिल थे।
जांच में पता चला कि ट्रस्ट के प्रशासनिक और वित्तीय मामलों की ज़िम्मेदारी मिलने के बाद श्री सेठना ने धोखे से ट्रस्ट के एक ट्रस्टी के हस्ताक्षर लेकर एक बैंक खाता खुलवाया। इसके बाद, उन्होंने उन हस्ताक्षरों की नक़ल करके (जाली हस्ताक्षर बनाकर) बिना अनुमति के ‘बियरर चेक’ जारी किये। इस तरीके का इस्तेमाल करते हुए, उन्होंने कथित तौर पर ट्रस्ट के बैंक खाते से लगभग 6.85 करोड़ रुपये निकाल लिये। उन्होंने ऐसा ट्रस्टियों की जानकारी या सहमति के बिना किया, जिससे उन्होंने ‘अपराध से अर्जित संपत्ति’ जुटाई और उतनी ही राशि का गलत तरीके से वित्तीय लाभ उठाया।
इससे पहले, एक ‘अस्थायी कुर्की आदेश’जारी किया गया था। इस आदेश के तहत, अपराध से अर्जित पूरी राशि (6.85 करोड़ रुपये) के बराबर की विभिन्न अचल संपत्तियों जिनमें आवासीय फ्लैट और प्लॉट शामिल हैं को कुर्क कर लिया गया था।
