जबलपुर: दो तीन पहले शहर में तेज बारिश के साथ चली आंधी-तूफान के बाद नौदरा ब्रिज, शास्त्री ब्रिज और अन्य महत्वपूर्ण चौकों में लगे विज्ञापन के बैनर, पोस्टर, होर्डिंग अब लोगों को डराने लगे हैं। इसकी मुख्य वजह तूफान के बाद ये बैनर, पोस्टर, होर्डिंग आधे लटक चुके हैं। स्थानीयजनों व राहगीरों को पल पल इस बात का डर सता रहा है कि कहीं लोहे की रॉड में लगे ये बैनर पोस्टर रॉड सहित चलते दोपहिया वाहन चालकों के ऊपर या सामने अचानक न आ जाएं जिससे दुर्घटना घटित हो जााए।
ऐसे में अभी सड़क के दो फिट हिस्से को घेरकर लटके बैनरों की वजह से वहां से गुजरने वाले खासकर दो पहिया वाहन सवारों को परेशानी झेलना पड़ रही है। हालात यह हैं कि स्थानीय नागरिकों और गार्ड द्वारा अब खुद ही ही अब सेंट्रल लाइट के बिजली के खम्भों में आड़े तिरछे लटके बैनरों, पोस्टरों एवं कटाउटों को हटाने का कार्य किया जा रहा है। जबकि सड़कों पर बाधा बने हुए बैनर पोस्टरों को हटाने की असली जिम्मेदारी नगर निगम की होनी चाहिए।
ये एक बड़ा सवाल
विज्ञापन से संबंधित बिजली के पोलों, यूनिक पोलों में टंगाये जाने वाले बैनर, कटाउट जो कि तेज आंधी की वजह से क्षतिग्रस्त होकर आधी सड़क तक लटक चुके हैं और इन्हें उन्हे जिम्मेदार विभाग नगर निगम कब हटवायेगा यह एक बड़ा सवाल है।
पेड़ों का भी बुरा हाल, डगालें आईं नीचे
जानकारी के अनुसार गोलबाजार स्थित एक निजी अस्पताल के सामने गिरा हुआ पेड़ व यादव कॉलोनी, छोटी ओमती सहित शहर के विभिन्न मार्गों के बिजली के पोलों पर आड़े तिरछे लटके बैनर पोस्टर इस बात की गवाही भी दे रहे हैं जिम्मेदारों को शहर की चाक चौबंद व्यवस्था से कोई सरोकार नहीं है। खबर है कि कुछ दिन पहले शहर में चली आंधी-तूफान के बाद शहर में कुछ जगह उन पेड़ों का हाल भी बुरा है जिनकी डगालें बिल्कुल जमीन पर आकर सट गईं हैं। लेकिन निगम द्वारा अभी उसे हटाया नहीं गया है।
