भोपाल: नगर निगम में संपत्तिकर वसूली का अभियान चलाया जा रहा है. इसके लिए मार्च माह में सभी अवकाश के दिनों में भी जोन कार्यालयों में कर्मचारी कार्य कर रहे हैं. इस वर्ष का संपत्तिकर वसूली के लिए लक्ष्य चार सौ करोड़ रुपए का रखा गया. जिसके लिए नगर निगम के कर्मचारी हर संभव प्रयास कर रहे हैं. 21 मार्च तक लगभग 250 करोड़ रुपए का संपत्तिकर नगर निगम को प्राप्त हो चुका है. जो गत वर्ष की तुलना में आठ करोड़ रुपए कम है. पिछली 31 मार्च तक 258 करोड़ रुपए का संपत्तिकर नगर निगम को प्राप्त हुआ था. शनिवार को ईद होने बावजूद निगम के खाते में लगभग 71 लाख रुपए जमा हुए. वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अभी आठ दिन का समय बचा है. जिसमें नगर निगम को उम्मीद है कि कम से कम 50 करोड़ रुपए का संपत्तिकर जमा हो सकता है.
पिछले वर्ष से 15 प्रतिशत अधिक
नगर निगम में कर्मचारियों की प्रयासों से पिछले वर्ष की तुलना में संपत्तिकर में बढ़ोत्तरी हुई है, जो लगभग 12 प्रतिशत अधिक है. निगम को उम्मीद है कि यह बढ़ोत्तरी आठ दिन में तीन प्रतिशत तक बढ़ सकती है.
15 हजार संपत्तियां बढ़ी
नगर निगम में प्रतिवर्ष संपत्तिकर की वसूली के लक्ष्य बढक़र ही आता है उसका प्रमुख कारण है कि प्रतिवर्ष नई कालोनी का निर्माण हो रहा है. इस वर्ष भी लगभग 15 हजार नई संपत्तियां पंजीकृत हुई हैं. जो राजस्व भी बढक़र जमा होगा.
संपत्तिकर से मिलती पार्षदों निधि
निगम के कर्मचारी ने बताया कि प्रतिवर्ष पार्षदों को जो निधि नगर निगम से वार्ड में विकास कार्यों के लिए मंजूर होती है वह सिर्फ संपत्तिकर ये प्राप्त राशि की आधी दी जाती है.
शिक्षा, सिविल के कार्यो में होता है उपयोग
नगर निगम में जितनी भी संपत्तिकर के अलावा और भी कर वसूल कियेजाते हैं. पार्षदों का निधि के बाद जो बचता है वह शहर में शिक्षा, सिविल के अलाया अन्य कार्र्यो में खर्च होते हैं. संपत्तिकर की कम वसूली से नगर निगम के विकास कार्य प्रभावित होते हैं.
